
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 का रोमांच अब अपने चरम पर है। आज, 23 फरवरी, 2026 को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में सुपर-8 चरण का एक ऐसा मुकाबला होने जा रहा है, जिसकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में है। आमने-सामने हैं दो ऐसी टीमें जिन्होंने ग्रुप स्टेज में एक भी मैच नहीं हारा है—वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे।
यह मुकाबला केवल दो अंकों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सिद्ध करने का अवसर है कि इस टूर्नामेंट का असली ‘डार्क हॉर्स’ कौन है। एक तरफ कैरेबियाई पावर-हिटिंग है, तो दूसरी तरफ जिम्बाब्वे का जज्बा और अनुशासित खेल।
जिम्बाब्वे: इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी सनसनी
जिम्बाब्वे की टीम ने इस साल इतिहास रच दिया है। ग्रुप स्टेज में उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट पंडितों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
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दिग्गजों का शिकार: जिम्बाब्वे ने अपने ग्रुप में पूर्व चैंपियन श्रीलंका को करीबी मुकाबले में हराया और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को धूल चटाकर सबको स्तब्ध कर दिया।
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सिकंदर रज़ा का जादू: टीम की इस सफलता के पीछे कप्तान सिकंदर रज़ा का हरफनमौला खेल और अनुभवी क्रेग एर्विन की बल्लेबाजी का बड़ा हाथ है।
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गेंदबाजी की धार: रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी की तेज जोड़ी ने वानखेड़े जैसी पाटा पिचों पर भी अपनी उछाल और सटीक यॉर्कर से बल्लेबाजों को परेशान करने की रणनीति तैयार की है।
वेस्टइंडीज: आक्रामक बल्लेबाजी और खौफनाक फॉर्म
दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज की टीम इस बार पुराने रंग में नजर आ रही है। निकोलस पूरन, आंद्रे रसेल और रोवमैन पॉवेल की तिकड़ी ने विपक्षी गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा कर रखा है।
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वानखेड़े का फायदा: मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम अपनी छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड के लिए जाना जाता है। वेस्टइंडीज के पावर-हिटर्स के लिए यह मैदान किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
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स्पिन का जाल: बल्लेबाजी के अलावा अकील होसैन और गुडाकेश मोती की स्पिन जोड़ी बीच के ओवरों में रनों की गति पर अंकुश लगाने में माहिर साबित हुई है।
पिच और परिस्थितियां: रनों की बारिश की उम्मीद
वानखेड़े की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों की मददगार रही है। शाम का मैच होने के कारण ओस (Dew Factor) एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी क्योंकि दूसरी पारी में गेंद गीली होने के कारण गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
संभावित आंकड़े:
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औसत स्कोर: 180-195 रन।
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मुख्य खिलाड़ी: निकोलस पूरन (WI) और सिकंदर रज़ा (ZIM)।
मैच का महत्व: सेमीफाइनल की राह
सुपर-8 के इस ग्रुप में भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें भी मौजूद हैं, ऐसे में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों के लिए यह मैच जीतना अनिवार्य है।
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जो टीम आज जीतेगी, उसकी सेमीफाइनल की राह 70% तक आसान हो जाएगी।
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जिम्बाब्वे के लिए यह मैच खुद को विश्व स्तर पर एक स्थायी शक्ति के रूप में स्थापित करने का मौका है। वहीं वेस्टइंडीज के लिए यह अपनी बादशाहत दोबारा कायम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निष्कर्ष: अनुभव बनाम जज्बा
क्रिकेट प्रशंसकों को एक हाई-स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। जहाँ वेस्टइंडीज के पास अनुभव और बड़े छक्के मारने की क्षमता है, वहीं जिम्बाब्वे के पास खोने को कुछ नहीं है और जीतने का जुनून है। क्या रज़ा की सेना वानखेड़े में एक और बड़ा उलटफेर कर पाएगी? या कैरेबियाई तूफान जिम्बाब्वे के सपनों को उड़ा ले जाएगा? इसका फैसला आज शाम मैदान पर होगा।