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🚨 दिल दहला देने वाला मामला: 13 वर्षीय बालिका का यौन शोषण, श्रीगंगानगर में आरोपी दंपति गिरफ्तार

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक दंपति को एक 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण और यौन शोषण के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया है। यह घटना जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसने सुरक्षा और बाल संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

⛓️ 15 दिनों तक बंधक बनाकर रखा

 

पुलिस के अनुसार, यह घिनौना कृत्य पिछले लगभग 15 दिनों तक चलता रहा। आरोपी दंपति ने साजिश रचकर इस नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर या जबरन अपने घर में बंधक बना लिया। इस दौरान, बच्ची को लगातार डराया-धमकाया गया ताकि वह किसी को इस बारे में बता न सके।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दंपति ने न केवल बच्ची को अपने पास रखा, बल्कि उस पर लगातार यौन उत्पीड़न किया। यह भी आरोप है कि दंपति ने बच्ची का यौन शोषण अपने निजी स्वार्थों के लिए किया, जिसकी विस्तृत जांच चल रही है।

🔎 मामला सामने कैसे आया?

 

जब बच्ची कई दिनों तक अपने घर नहीं लौटी, तो उसके माता-पिता ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। साइबर सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस जल्द ही आरोपी दंपति के ठिकाने तक पहुंच गई।

पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपति के घर पर छापा मारा और नाबालिग बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्ची को इस दौरान गंभीर मानसिक और शारीरिक आघात पहुंचा है। उसे तुरंत मेडिकल जांच और काउंसिलिंग के लिए भेजा गया है।

⚖️ पुलिस ने किया मामला दर्ज, POCSO एक्ट लागू

 

बच्ची के बयान और मेडिकल जांच के आधार पर, श्रीगंगानगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

कोतवाली थाना अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे इस पूरे कृत्य में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों और उनकी मंशा के बारे में पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस दंपति का कोई संगठित गिरोह तो नहीं है जो नाबालिगों को निशाना बनाता हो।

गिरफ्तारी के बाद, आरोपी दंपति को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को रेखांकित किया है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️