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सरहद पर खाकी का कड़ा पहरा: श्रीगंगानगर में 50 करोड़ की हेरोइन जब्त, ड्रोन वाली साजिश नाकाम

श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने नशा तस्करों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भारत-पाकिस्तान सीमा के समीप ड्रोन के जरिए गिराई गई 50 करोड़ रुपये मूल्य की उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

ड्रोन से तस्करी: आधी रात का ऑपरेशन

पिछले कुछ समय से सीमा पार बैठे तस्करों द्वारा भारतीय क्षेत्र में नशीले पदार्थों की खेप भेजने के लिए आधुनिक तकनीक यानी ड्रोन्स का सहारा लिया जा रहा है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर, श्रीगंगानगर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संयुक्त रणनीति तैयार की थी।

घटना वाली रात, सरहद के पास एक संदिग्ध ड्रोन की गूंज सुनाई दी। पुलिस अधीक्षक (SP) हरिशंकर के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। जैसे ही ड्रोन ने खेप नीचे गिराई, वहां पहले से घात लगाकर बैठे तस्करों ने उसे उठाने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। तलाशी लेने पर भारी मात्रा में हेरोइन के पैकेट बरामद हुए, जिनका अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य लगभग 50 करोड़ रुपये आंका जा रहा है।

5 तस्कर गिरफ्तार: पंजाब और हरियाणा से जुड़े तार

पुलिस की गिरफ्त में आए 5 आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ये तस्कर केवल स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय नहीं थे, बल्कि इनका नेटवर्क पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक फैला हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी लंबे समय से सीमा पार के आकाओं के संपर्क में थे और व्हाट्सएप व अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए लोकेशन साझा कर हेरोइन की डिलीवरी ले रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

  • मुख्य सरगना जो पंजाब का रहने वाला है और पहले भी एनडीपीएस एक्ट में नामजद रहा है।

  • दो स्थानीय गाइड जो रास्तों की जानकारी के लिए गिरोह में शामिल किए गए थे।

  • दो अन्य युवक जो खेप को आगे सप्लाई करने के लिए लग्जरी गाड़ियों के साथ तैनात थे।

एसपी हरिशंकर की रणनीति: ‘जीरो टॉलरेंस’

श्रीगंगानगर के एसपी हरिशंकर ने कार्यभार संभालने के बाद से ही नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती थानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय ग्रामीणों के साथ समन्वय बिठाएं।

“हमारी टीमें 24 घंटे सरहद से सटे इलाकों में गश्त कर रही हैं। यह केवल नशे की जब्ती नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ी जीत है। ड्रोन के जरिए होने वाली इस तस्करी के पीछे जो भी बड़े नाम शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।” – हरिशंकर, एसपी श्रीगंगानगर

सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट

इस बड़ी बरामदगी के बाद श्रीगंगानगर के केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर और रायसिंहनगर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस ने चौकसी और बढ़ा दी है। नाकाबंदी सख्त कर दी गई है और संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। पुलिस अब उन ‘फाइनेंसरों’ की तलाश में है जो इन तस्करों को ड्रोन तकनीक और रसद मुहैया करा रहे हैं।

नशे के खिलाफ जन-आंदोलन

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। श्रीगंगानगर में बढ़ते नशे के चलन को रोकने के लिए पुलिस अब स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान भी चला रही है ताकि युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाया जा सके।

यह कार्रवाई तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है कि राजस्थान पुलिस की नजरें सरहद से लेकर शहर की गलियों तक हर गतिविधि पर जमी हुई हैं। 50 करोड़ की इस खेप का पकड़ा जाना नशा माफियाओं की कमर तोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️