
अमृत भारत स्टेशन योजना से बदल रही सूरत भारतीय रेलवे को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ (Amrit Bharat Station Scheme) एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इसी महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे मंडल के अंतर्गत आने वाले श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन का व्यापक कायाकल्प किया जा रहा है। स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में स्टेशन परिसर को ग्रीन एनर्जी (Green Energy) से रोशन करने के लिए करीब 22.50 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक सोलर पैनल प्लांट स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है।
सोलर प्लांट परियोजना की मुख्य विशेषताएं
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लागत और क्षमता: लगभग 22.50 लाख रुपये के बजट से स्टेशन की मुख्य इमारत और शेड की छतों पर उच्च क्षमता वाले रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।
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बिजली उत्पादन: इस सोलर प्लांट से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे स्टेशन की दैनिक बिजली जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खुद स्टेशन पर ही पैदा हो सकेगा।
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ग्रिड कनेक्टिविटी: यह प्लांट ऑन-ग्रिड सिस्टम से जुड़ा होगा। यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो वह मुख्य बिजली ग्रिड में चली जाएगी, जिससे रेलवे को वित्तीय लाभ भी मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण और वित्तीय बचत
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कार्बन फुटप्रिंट में कमी: पारंपरिक कोयला-आधारित बिजली पर निर्भरता घटने से कार्बन उत्सर्जन में भारी गिरावट आएगी, जिससे श्रीगंगानगर शहर के पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
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बिजली बिलों में भारी कटौती: रेलवे प्रशासन को हर महीने बिजली के बिल के रूप में एक बड़ी धनराशि खर्च करनी पड़ती है। इस सोलर प्लांट के शुरू होने के बाद रेलवे को हर साल लाखों रुपये की बचत होगी।
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24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति: सोलर ऊर्जा और ग्रिड बैकअप के समन्वय से स्टेशन पर लाइट, पंखे, डिस्प्ले बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए निर्बाध बिजली उपलब्ध रहेगी।
स्टेशन पर हरित ऊर्जा का व्यापक प्रभाव श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर सोलर प्लांट लगने से यात्रियों को मिलने वाली कई मूलभूत सुविधाएं सीधे तौर पर ग्रीन एनर्जी से संचालित होंगी:
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यात्री शेड और प्लेटफॉर्म: प्लेटफॉर्म पर लगी लाइट्स, पंखे और चार्जिंग पॉइंट्स सोलर पावर से चलेंगे।
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डिजिटल डिस्प्ले व सूचना प्रणाली: ट्रेन आगमन-प्रस्थान की जानकारी देने वाले डिजिटल बोर्ड और घोषणा प्रणाली (Public Address System) को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा।
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वेटिंग रूम व कार्यालय: स्टेशन के मुख्य कार्यालय, टिकट काउंटर और पैसेंजर वेटिंग रूम्स में सौर ऊर्जा से निर्बाध रोशनी और हवा की व्यवस्था होगी।
अमृत भारत योजना के तहत अन्य विकास कार्य सोलर प्लांट की स्थापना के साथ-साथ श्रीगंगानगर स्टेशन पर अन्य सौंदर्यकरण और विकास कार्य भी अंतिम चरण में हैं।
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आधुनिक प्रवेश द्वार: स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार को आकर्षक और स्थानीय राजस्थानी कला-संस्कृति की थीम पर पुनर्विकसित किया जा रहा है।
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सुगम आवाजाही: बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और रैंप जैसी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
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विशाल पार्किंग क्षेत्र: यात्रियों की गाड़ियों के लिए सुव्यवस्थित और विशाल पार्किंग जोन का निर्माण किया गया है।
पर्यावरण-अनुकूल रेलवे का सपना साकार श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर 22.50 लाख रुपये की लागत से लग रहा यह सोलर प्लांट न केवल रेलवे के संचालन खर्च को कम करेगा, बल्कि प्रधानमंत्री के ‘नेट जीरो कार्बन उत्सर्जक’ रेलवे के लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। श्रीगंगानगर के निवासियों और यात्रियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है, जिससे स्टेशन अब अधिक स्वच्छ, सुंदर और ऊर्जा-आत्मनिर्भर नजर आएगा।