
विशेष संवाददाता, श्री गंगानगर
23 मई, 2026
श्री गंगानगर। राजस्थान का सीमावर्ती जिला श्री गंगानगर एक बार फिर भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heat Wave) की चपेट में है। 23 मई को जिले में सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस सीजन में पहली बार पारा 46.5°C के पार दर्ज किया गया, जिसने श्री गंगानगर को प्रदेश के सबसे गर्म शहरों की सूची में शीर्ष पर ला खड़ा किया है। सुबह नौ बजते ही आसमान से आग की लपटें बरसने लगीं और दोपहर होते-होते गर्म हवा के थपेड़ों (लू) ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आगामी 48 से 72 घंटों के लिए जिले में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
दोपहर में थमी शहर की रफ्तार, बाजारों में पसरा सन्नाटा
मौसम के इस रौद्र रूप का सीधा असर शहर की रफ्तार पर देखा गया। दोपहर 11 बजे से ही मुख्य बाजारों, जैसे गोल बाजार, सुखाड़िया सर्कल और कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास की सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर गया। जो सड़कें आम दिनों में वाहनों और राहगीरों से अटी रहती थीं, वहां कर्फ्यू जैसा माहौल नजर आया।
व्यापारियों ने बढ़ते तापमान को देखते हुए दोपहर के समय अपनी दुकानें बंद रखना ही बेहतर समझा। गंगनहर के किनारे और पार्कों में भी सन्नाटा देखा गया। अति आवश्यक कार्य से बाहर निकलने वाले लोग भी खुद को पूरी तरह सूती कपड़ों, स्कार्फ और चश्मों से ढककर ही बाहर निकलते दिखाई दिए। दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर सफर करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था।
प्रशासन मुस्तैद: जारी की गई सख्त एडवायजरी
भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक (लू लगना) के बढ़ते खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। जिला कलेक्टर ने आमजन के लिए एक विशेष गाइडलाइन और एडवायजरी जारी की है।
प्रशासन की मुख्य अपील:
दोपहर 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बिना किसी अति-आवश्यक कार्य के घरों या दफ्तरों से बाहर न निकलें।
धूप में निकलते समय हमेशा सिर और कान को सूती कपड़े से ढककर रखें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें; प्यास न होने पर भी लगातार पानी, ओआरएस (ORS) का घोल, छाछ, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करते रहें।
बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं का इस मौसम में विशेष ध्यान रखें।
इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने मनरेगा श्रमिकों के कार्य समय में भी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं ताकि उन्हें दोपहर की इस जानलेवा धूप में काम न करना पड़े।
अस्पतालों में ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’ तैयार, बिजली कटौती ने बढ़ाई आफत
बढ़ते तापमान के कारण जिला सरकारी अस्पताल (मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल) सहित ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर भी उल्टी, दस्त, तेज बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। पीएमओ (Principal Medical Officer) के अनुसार, अस्पताल में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष हीट स्ट्रोक वार्ड आरक्षित किए गए हैं, जहां कूलर, एसी और पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाओं तथा ओआरएस के पैकेट की व्यवस्था की गई है।
दूसरी ओर, इस भीषण गर्मी में बिजली की अघोषित कटौती ने कोढ़ में खाज का काम किया है। ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड होने के कारण शहर के कई मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोग कूलर और एसी होने के बावजूद घरों के भीतर उबलने को मजबूर हैं। आम जनता ने विद्युत विभाग से इस संकट के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं (थार मरुस्थल की ओर से आने वाली हवाएं) के कारण यह स्थिति बनी है। आगामी तीन से चार दिनों तक तापमान में किसी भी तरह की गिरावट की संभावना नहीं है। लू का यह दौर (Severe Heat Wave) अभी और उग्र रूप धारण कर सकता है, जिससे पारा 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच सकता है। प्रशासन ने सभी विभागों को मुस्तैद रहने और पानी के टैंकरों की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।