
श्रीगंगानगर। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पावन अवसर पर सीमावर्ती शहर श्रीगंगानगर पूरी तरह ‘राममय’ नजर आया। शहर के कोने-कोने में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मुख्य बाजारों से लेकर आवासीय कॉलोनियों तक को भगवा ध्वजों, तोरणद्वारों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए श्रीगंगानगर के प्रमुख मंदिरों में दिनभर विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ, भव्य शोभायात्राएं और झांकियों के मनमोहक आयोजन किए गए। वहीं, इस महाउत्सव के दौरान शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया।
मंदिरों में उमड़ा आस्था का ज्वार, गूंजे ‘जय श्री राम’ के जयकारे
22 जनवरी के इस पावन अवसर पर तड़के से ही शहर के सुखाड़िया सर्किल स्थित हनुमान मंदिर, रामलीला मैदान स्थित राम मंदिर, बी ब्लॉक स्थित गोल बाजार मंदिर और अन्य सभी प्रमुख देवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिरों में विशेष महाआरती, हवन-पूजन और अखंड रामचरितमानस पाठ के आयोजन शुरू हो गए। दोपहर में अयोध्या से लाइव प्रसारण देखने के लिए विभिन्न धार्मिक संगठनों और व्यापार मंडलों द्वारा जगह-जगह एलइडी (LED) स्क्रीन लगाई गई थीं, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर ऐतिहासिक क्षणों का आनंद लिया।
दोपहर में आरती के बाद शहर के कई स्थानों पर विशाल भंडारों और प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। शाम ढलते ही पूरा शहर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर दीये जलाकर ‘दीपावली’ जैसा जश्न मनाया। मुख्य चौराहों पर आतिशबाजी की गई और सुंदर झांकियां निकाली गईं, जिसमें बच्चों ने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण का रूप धरकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम: शहरभर में फ्लैग मार्च और कड़ी नाकाबंदी
धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए गए। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर पूरे श्रीगंगानगर शहर को अलग-अलग सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया था। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया।
경찰 टीमों ने शहर के मुख्य बाजारों, चौराहों और धार्मिक स्थलों के आसपास लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) की। कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अगुवाई में प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला गया। शहर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन चेकिंग की गई।
ड्रोन से निगरानी और सोशल मीडिया पर पैनी नजर
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया। शहर के मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों के जरिए छतों और भीड़भाड़ वाले स्थानों की निगरानी की गई। इसके साथ ही, जिला साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अफवाह फैलाने वाले या भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वाले असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी गई।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिक सुरक्षा मंचों और शांति समितियों के साथ समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित किया कि पूरा उत्सव शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो। आम जनता और विभिन्न संगठनों के सहयोग से श्रीगंगानगर में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का यह महापर्व अत्यंत शांति, भक्ति और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।