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श्रीगंगानगर में सनसनीखेज पुलिस मुठभेड़: लॉरेंस गैंग का मुख्य गुर्गा संजय उर्फ चद्दर गिरफ्तार

श्रीगंगानगर (राजस्थान): सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत आज पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 16 अप्रैल, 2026 की तड़के करीब 3:00 बजे सूरतगढ़ बाईपास पर हुई एक नाटकीय और साहसिक मुठभेड़ के बाद पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक कुख्यात और सक्रिय सदस्य, संजय उर्फ चद्दर को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


मुठभेड़ का घटनाक्रम: आधी रात का ऑपरेशन

पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक प्रमुख गुर्गा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में श्रीगंगानगर की सीमा में प्रवेश कर चुका है और सूरतगढ़ रोड की ओर से शहर में दाखिल होने की योजना बना रहा है। इस सूचना पर जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम (Special Team) गठित की गई और सूरतगढ़ बाईपास के पास नाकाबंदी सख्त कर दी गई।

तड़के करीब 3 बजे, एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही बाइक सवार आरोपी ने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं। इसी क्रॉस फायरिंग में एक गोली आरोपी संजय उर्फ चद्दर के पैर में जा लगी, जिससे वह असंतुलित होकर बाइक समेत गिर पड़ा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेर लिया और निहत्था कर हिरासत में ले लिया।

कौन है संजय उर्फ चद्दर?

संजय, जिसे अपराध जगत में ‘चद्दर’ के नाम से जाना जाता है, लंबे समय से राजस्थान और पंजाब पुलिस की रडार पर था। वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ सिंडिकेट के लिए काम करता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:

  • आपराधिक इतिहास: आरोपी पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी (Extortion), और आर्म्स एक्ट के 10 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।

  • भूमिका: वह गैंग के लिए हथियारों की सप्लाई करने और स्थानीय व्यापारियों को डरा-धमकाकर वसूली करने का मुख्य काम देखता था।

  • हालिया गतिविधियां: हाल के महीनों में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र में हुई फायरिंग की कुछ वारदातों में भी उसका नाम सामने आया था।

अस्पताल में कड़ी सुरक्षा और प्रशासन की मुस्तैदी

मुठभेड़ के तुरंत बाद घायल आरोपी को पुलिस की पीसीआर वैन से श्रीगंगानगर के जिला अस्पताल के ट्रौमा सेंटर ले जाया गया। अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि गैंग के अन्य सदस्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न कर सकें। डॉक्टरों के अनुसार, आरोपी की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन उसे डिस्चार्ज करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।

पुलिस की कार्रवाई का संदेश

इस मुठभेड़ ने शहर के व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का भाव पैदा किया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से बात करते हुए कहा:

“हमारी टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। अपराधियों के लिए श्रीगंगानगर में कोई जगह नहीं है। यदि कोई भी कानून को हाथ में लेने की कोशिश करेगा, तो उसे इसी तरह की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”

आगामी जांच के बिंदु

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि संजय उर्फ चद्दर शहर में किसे निशाना बनाने आया था और उसे स्थानीय स्तर पर कौन पनाह दे रहा था। उसके पास से एक अवैध पिस्तौल, कुछ जिंदा कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान लॉरेंस गैंग के नेटवर्क और भविष्य की साजिशों के बारे में कई महत्वपूर्ण खुलासे होंगे।

यह गिरफ्तारी न केवल श्रीगंगानगर पुलिस के लिए एक बड़ी जीत है, बल्कि यह उन गैंगस्टर्स के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो सीमावर्ती जिलों को अपना सुरक्षित ठिकाना मान बैठे हैं। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की सराहना की है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️