
बेंगलुरु। महिला प्रीमियर लीग (WPL) के चौथे सीजन का शंखनाद ठीक वैसा ही हुआ जैसी क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद थी। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) को 3 विकेट से हराकर सीजन की शानदार शुरुआत की। हालांकि, इस जीत का जश्न आरसीबी के लिए थोड़ा फीका पड़ गया क्योंकि टीम की प्रमुख ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर चोटिल होकर टूर्नामेंट के अगले कुछ मैचों से बाहर हो गई हैं।
मैच का रोमांच: आखिरी ओवर तक खिंची जंग
टॉस जीतकर आरसीबी की कप्तान स्मृति मंधाना ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। मुंबई इंडियंस की शुरुआत सधी हुई रही, लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में शिकंजा कस दिया। मुंबई ने निर्धारित 20 ओवरों में 158 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत खराब रही और कप्तान मंधाना जल्दी पवेलियन लौट गईं। इसके बाद खेल का रुख पलटा नदीन डी क्लर्क ने। उन्होंने न केवल गेंद से बल्कि बल्ले से भी मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। नदीन ने संकट के समय में सूझबूझ भरी पारी खेली और टीम को जीत की दहलीज तक पहुँचाया। आरसीबी ने 19.4 ओवरों में 7 विकेट खोकर इस लक्ष्य को हासिल कर लिया।
नदीन डी क्लर्क: जीत की असली सूत्रधार
इस मैच की ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ नदीन डी क्लर्क रहीं। उन्होंने पहले गेंदबाजी करते हुए 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और फिर बल्लेबाजी के दौरान दबाव की स्थिति में 28 गेंदों पर 42 रनों की नाबाद पारी खेली। उनकी इस पारी में तीन शानदार छक्के और दो चौके शामिल थे। जब टीम को आखिरी 2 ओवरों में 18 रनों की दरकार थी, तब नदीन के शांत स्वभाव ने आरसीबी को हार के जबड़े से निकाल लिया।
पूजा वस्त्राकर की चोट: आरसीबी के लिए बड़ा झटका
मैच खत्म होने के तुरंत बाद आरसीबी खेमे से एक बुरी खबर आई। टीम की स्टार ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर फील्डिंग के दौरान अपनी दाईं एड़ी (Ankle) को चोटिल कर बैठीं। टीम के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पूजा को ग्रेड-2 लिगामेंट इंजरी हुई है, जिसके कारण उन्हें कम से कम दो हफ्तों के लिए मैदान से दूर रहना होगा।
पूजा का बाहर होना आरसीबी के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती है। वह न केवल तेज गेंदबाजी में विकल्प देती हैं, बल्कि निचले क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए भी जानी जाती हैं। अब कप्तान मंधाना को उनकी जगह प्लेइंग इलेवन में संतुलन बनाने के लिए किसी युवा भारतीय खिलाड़ी या विदेशी विकल्प पर विचार करना होगा।
मुंबई इंडियंस के लिए आत्ममंथन का समय
वहीं दूसरी ओर, हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस के लिए यह हार एक चेतावनी की तरह है। टीम की डेथ ओवर बॉलिंग और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी में खामियां नजर आईं। हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, “हमने 15-20 रन कम बनाए। इस पिच पर 175 का स्कोर सुरक्षित होता। हम अपनी गलतियों से सीखेंगे और अगले मैच में मजबूत वापसी करेंगे।”
निष्कर्ष और आगामी राह
आरसीबी के लिए यह जीत मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले सीजन में उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद, चैंपियन टीम को पहले ही मैच में हराना उनके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगा। अब देखना यह होगा कि पूजा वस्त्राकर की अनुपस्थिति में टीम अपने इस विजयी रथ को कैसे आगे बढ़ाती है।