
अल्मेटी (कजाकिस्तान)। कजाकिस्तान के अल्मेटी में आयोजित हो रही U23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2025 में भारतीय दल के लिए एक बड़ी सफलता दर्ज की गई है। भारतीय कुश्ती की नई उम्मीद विश्वजीत मोरे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। विश्वजीत की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह पदक ग्रीको-रोमन शैली में हासिल किया है, जो आमतौर पर भारत के लिए फ्रीस्टाइल की तुलना में चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
कांस्य पदक मुकाबले में दमदार प्रदर्शन
विश्वजीत मोरे ने अपने कांस्य पदक मुकाबले में दृढ़ संकल्प और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को मुकाबले की शुरुआत से ही हावी होने का कोई मौका नहीं दिया। दबाव भरे इस मैच में, मोरे ने अपने रक्षण और सटीक पलटवार (काउंटर अटैक) का प्रभावी मिश्रण दिखाया, जिससे विरोधी पहलवान को बैकफुट पर जाना पड़ा।
अंतिम स्कोर के आधार पर, विश्वजीत मोरे ने स्पष्ट रूप से जीत दर्ज की और कांस्य पदक अपने नाम किया। पोडियम पर खड़े होकर भारतीय तिरंगा फहराने का यह क्षण न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे भारतीय खेल समुदाय के लिए गर्व का विषय था।
भारतीय कुश्ती के लिए सकारात्मक संकेत
U23 विश्व चैंपियनशिप युवा एथलीटों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जो उन्हें सीनियर स्तर के बड़े टूर्नामेंट्स के लिए तैयार करता है। विश्वजीत मोरे की यह जीत कई मायनों में भारतीय कुश्ती के लिए एक सकारात्मक संकेत है:
- ग्रीको-रोमन में सफलता: भारत पारंपरिक रूप से फ्रीस्टाइल कुश्ती में मजबूत रहा है। ग्रीको-रोमन शैली में विश्व स्तर पर पदक जीतना दर्शाता है कि भारतीय कुश्ती संघ जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण और तकनीकों में विविधता लाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- युवा प्रतिभा का उदय: मोरे जैसे युवा पहलवानों की सफलता यह सुनिश्चित करती है कि भारत के पास भविष्य में एशियाई खेलों और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक मजबूत प्रतिभा पूल तैयार है।
- आत्मविश्वास में वृद्धि: यह पदक देश के अन्य युवा पहलवानों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।
इस जीत के साथ, भारतीय कुश्ती दल ने चैंपियनशिप में अपनी छाप छोड़ी है। विश्वजीत मोरे की यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती की नई उड़ान का प्रतीक है और उम्मीद है कि आने वाले समय में वे सीनियर सर्किट में भी देश के लिए बड़ी सफलताएं हासिल करेंगे। उनका स्वागत गर्मजोशी से किया जाएगा और उनकी सफलता निश्चित रूप से भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी। (