
7 फरवरी, 2026 की शाम मुंबई का ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम केवल क्रिकेट का मैदान नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय मनोरंजन और भारतीय संस्कृति का एक जीवंत मंच बन गया। ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 के औपचारिक आगाज़ के लिए आयोजित उद्घाटन समारोह ने खेल और ग्लैमर के बीच के फासले को मिटा दिया। 33,000 से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम रोशनी, संगीत और रोमांच से सराबोर था।
बादशाह और नोरा फतेही: ऊर्जा और ग्लैमर का तड़का
समारोह की शुरुआत आधुनिक भारत की बुलंद आवाज, मशहूर रैपर बादशाह के धमाकेदार प्रदर्शन से हुई। उन्होंने टूर्नामेंट के आधिकारिक एंथम और अपने कई चार्टबस्टर गानों के रिमिक्स पर परफॉर्म किया। पूरा स्टेडियम उनके “इट्स योर बॉय बादशाह” के सिग्नेचर साउंड से गूंज उठा।
बादशाह का साथ देने उतरीं बॉलीवुड की डांसिंग क्वीन नोरा फतेही। अपनी बेमिसाल ऊर्जा और शानदार कोरियोग्राफी के साथ नोरा ने वैश्विक मंच पर भारतीय नृत्य का लोहा मनवाया। उनके परफॉर्मेंस के दौरान इस्तेमाल किए गए लेजर शो और ड्रोन फॉर्मेशन्स ने रात के आसमान में क्रिकेट के विभिन्न प्रतीकों और भाग लेने वाले 20 देशों के झंडों को उकेर दिया, जिसे देखकर दर्शक दंग रह गए।
शिवमणि और ऋषभ शर्मा: संगीत की विरासत
जहाँ एक ओर बादशाह और नोरा ने आधुनिकता का रंग बिखेरा, वहीं दूसरी ओर भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत की धुनों ने समारोह को एक आध्यात्मिक गहराई प्रदान की।
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शिवमणि का जादू: विश्व प्रसिद्ध तालवाद्य वादक (Percussionist) शिवमणि ने अपनी अनोखी शैली में ड्रम्स और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ एक ऐसा ‘फ्यूजन’ तैयार किया, जिसने क्रिकेट की धड़कन को संगीत में बदल दिया। उनके ड्रम्स की थाप पर पूरा स्टेडियम एक लय में झूम उठा।
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ऋषभ ऋखिराम शर्मा का सितार: युवा सितार वादक ऋषभ शर्मा ने अपनी कलाकारी से यह साबित किया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत वैश्विक मंच पर कितना प्रभावशाली है। सितार की मधुर धुनों ने वानखेड़े के माहौल में एक शांति और गरिमा घोल दी, जो भारत की अतिथि सत्कार की भावना ‘अतिथि देवो भव:’ को प्रदर्शित कर रही थी।
‘डिजिटल इंडिया’ का प्रदर्शन
समारोह में तकनीक का भी बखूबी इस्तेमाल किया गया। पूरे मैदान को एक 3D प्रोजेक्शन स्क्रीन में बदल दिया गया था, जिस पर टी20 विश्व कप के पिछले नौ संस्करणों के यादगार पलों को जीवंत किया गया। समारोह के अंत में, सभी 20 कप्तानों को मंच पर बुलाया गया, जहाँ एक भव्य आतिशबाजी (Fireworks) के साथ टूर्नामेंट के आधिकारिक शुरू होने की घोषणा की गई।
निष्कर्ष: खेल से बढ़कर एक उत्सव
यह उद्घाटन समारोह केवल एक खेल आयोजन की शुरुआत नहीं थी, बल्कि यह बदलते भारत की तस्वीर थी—एक ऐसा भारत जो अपनी परंपराओं (सितार और ताल) का सम्मान करता है और आधुनिकता (रैप और तकनीक) के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है। खेल प्रेमियों के लिए यह शाम एक ऐसा अनुभव थी, जिसने आने वाले 55 मैचों के रोमांच के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है।