
कोलंबो/दुबई: क्रिकेट जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से ठीक पांच दिन पहले पाकिस्तान सरकार ने एक विवादास्पद फैसला सुनाया। आधिकारिक बयान के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस टूर्नामेंट के ग्रुप-स्टेज में भारत के खिलाफ होने वाले बहुप्रतीक्षित मुकाबले में मैदान पर नहीं उतरेगी। यह मैच श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना निर्धारित था, जिसे अब अनिश्चितता के बादलों ने घेर लिया है।
फैसले के पीछे का तर्क और पृष्ठभूमि
पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह निर्णय “राजनयिक तनाव और सुरक्षा चिंताओं” के मद्देनजर लिया गया है। हालांकि पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर नहीं हो रही है और वह अन्य सभी देशों (जैसे ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और स्कॉटलैंड) के खिलाफ अपने मैच खेलेगी, लेकिन भारत के साथ मुकाबला उनकी ‘रेड लाइन’ है।
यह पहली बार है जब किसी आईसीसी (ICC) वर्ल्ड कप इवेंट में किसी टीम ने एक विशिष्ट प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल क्रिकेट प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है, बल्कि इससे करोड़ों डॉलर के राजस्व का भी नुकसान होगा।
ICC की कड़ी चेतावनी और ‘गंभीर परिणाम’
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने इस घटनाक्रम पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। दुबई में हुई आपातकालीन बैठक के बाद ICC के प्रवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
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अंकों की कटौती: यदि पाकिस्तान निर्धारित तिथि पर मैदान पर नहीं उतरता है, तो भारत को ‘वॉकओवर’ दिया जाएगा और उसे पूरे अंक मिलेंगे।
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वित्तीय जुर्माना: पाकिस्तान को मिलने वाले वार्षिक रेवेन्यू शेयर (ICC Revenue Share) में भारी कटौती की जा सकती है।
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भविष्य में प्रतिबंध: ICC ने संकेत दिया है कि यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहा, तो पाकिस्तान को भविष्य के ICC टूर्नामेंटों की मेजबानी से वंचित किया जा सकता है या सदस्यता निलंबित की जा सकती है।
ब्रॉडकास्टर्स और प्रशंसकों की चिंता
भारत-पाकिस्तान मैच क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा ‘एल क्लासिको’ माना जाता है। इस एक मैच की व्यूअरशिप दुनिया के किसी भी अन्य मैच से कई गुना ज्यादा होती है। ब्रॉडकास्टिंग पार्टनर्स ने पहले ही ICC को अपनी चिंता जता दी है, क्योंकि विज्ञापनों से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा इसी मुकाबले पर निर्भर होता है। कोलंबो में होटल बुकिंग और टिकट पहले ही ‘सोल्ड आउट’ हो चुके थे, जिससे अब प्रशंसकों में भारी निराशा और गुस्से का माहौल है।
क्या हो सकता है आगे का रास्ता?
क्रिकेट गलियारों में चर्चा है कि क्या इस मैच को किसी अन्य तटस्थ स्थान (Neutral Venue) पर शिफ्ट किया जा सकता है, लेकिन श्रीलंका पहले से ही एक तटस्थ स्थान है, इसलिए यह विकल्प काम करता नहीं दिख रहा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने फिलहाल इस पर चुप्पी साधी हुई है और उनका कहना है कि वे केवल ICC के निर्देशों का पालन करेंगे।
निष्कर्ष: खेल की हार?
यह विवाद एक बार फिर साबित करता है कि दक्षिण एशियाई क्रिकेट में खेल और राजनीति को अलग रखना कितना मुश्किल है। 2026 का वर्ल्ड कप, जो क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर ले जाने का एक जरिया माना जा रहा था, अब इस कड़वाहट की वजह से चर्चा में है। यदि पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है, तो यह क्रिकेट इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक गिना जाएगा।