
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन का आगाज होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन मैदान पर उतरने से पहले ही दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खेमे से एक ऐसी खबर आई है जिसने फ्रेंचाइजी की रातों की नींद उड़ा दी है। विश्व क्रिकेट के सबसे घातक तेज गेंदबाजों में शुमार और दिल्ली के गेंदबाजी आक्रमण की मुख्य धुरी मिचेल स्टार्क टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों से बाहर हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज गेंदबाज का उपलब्ध न होना दिल्ली के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
वर्कलोड मैनेजमेंट बना विलेन
मिचेल स्टार्क के बाहर होने का मुख्य कारण ‘कार्यभार प्रबंधन’ (Workload Management) बताया जा रहा है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों और खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों के खेलने पर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्टार्क, जो हाल ही में एक व्यस्त अंतरराष्ट्रीय सीजन से लौटे हैं, को डॉक्टरों ने कुछ हफ्तों के आराम की सलाह दी है।
दिल्ली कैपिटल्स की मेडिकल टीम के अनुसार, स्टार्क पूरी तरह से चोटिल नहीं हैं, लेकिन उनकी मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। यदि वे शुरुआत में आराम नहीं करते, तो पूरे टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा सकता था।
ऑस्ट्रेलियाई तिकड़ी पर संशय: कमिंस और हेजलवुड भी रडार पर
मुसीबत केवल स्टार्क तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स के अन्य दो प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज—पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की उपलब्धता पर भी संशय बना हुआ है।
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पैट कमिंस: उनकी एड़ी में हल्की समस्या बताई जा रही है।
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जोश हेजलवुड: वे व्यक्तिगत कारणों और वर्कलोड के चलते शुरुआती एक-दो मैचों को छोड़ सकते हैं।
यदि ये तीनों दिग्गज एक साथ शुरुआती एकादश (Playing XI) से बाहर रहते हैं, तो दिल्ली का तेज गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से अनुभवहीन नजर आएगा। दिल्ली ने नीलामी में इन खिलाड़ियों पर मोटी रकम सिर्फ इसलिए खर्च की थी ताकि पावरप्ले और डेथ ओवर्स में विपक्षी बल्लेबाजों पर लगाम कसी जा सके।
दिल्ली कैपिटल्स के पास क्या हैं विकल्प?
स्टार्क की अनुपस्थिति में कप्तान और कोचिंग स्टाफ (रिकी पोंटिंग) को अपनी रणनीति में आमूल-चूल बदलाव करना होगा। अब टीम के पास दो ही रास्ते बचते हैं:
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भारतीय तेज गेंदबाजों पर भरोसा: खलील अहमद, मुकेश कुमार और इशांत शर्मा जैसे भारतीय गेंदबाजों को अब अतिरिक्त जिम्मेदारी उठानी होगी। विशेषकर मुकेश कुमार को डेथ ओवर्स में स्टार्क की कमी पूरी करनी होगी।
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अन्य विदेशी विकल्प: टीम स्क्वाड में मौजूद अन्य विदेशी तेज गेंदबाजों को मौका दिया जा सकता है, लेकिन स्टार्क जैसी रफ्तार और स्विंग प्रदान करना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा।
पॉइंट्स टेबल पर पड़ सकता है असर
IPL जैसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में शुरुआती मैचों की जीत लय (Momentum) बनाने के लिए बहुत जरूरी होती है। दिल्ली कैपिटल्स का शुरुआती शेड्यूल काफी कड़ा है, जिसमें उन्हें पिछली बार की चैंपियन और मजबूत बल्लेबाजी वाली टीमों से भिड़ना है। स्टार्क की गैरमौजूदगी में विपक्षी बल्लेबाज दिल्ली के गेंदबाजों पर हावी होने की कोशिश करेंगे, जिसका सीधा असर टीम की नेट रन रेट और पॉइंट्स टेबल की स्थिति पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष: अग्निपरीक्षा का समय
मिचेल स्टार्क का शुरुआती मैचों से बाहर होना दिल्ली कैपिटल्स के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है। यह स्थिति टीम के ‘बेंच स्ट्रेंथ’ की भी परीक्षा लेगी। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि स्टार्क जल्द ही पूरी फिटनेस हासिल कर मैदान पर वापसी करेंगे, क्योंकि उनके बिना IPL का रोमांच थोड़ा फीका जरूर लगेगा। अब देखना यह है कि दिल्ली की टीम इस संकट से कैसे उबरती है और अपने पहले मैच में किस प्लेइंग कॉम्बिनेशन के साथ उतरती है।