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💔 घरेलू मैदान पर भारत को दुर्लभ हार: दक्षिण अफ्रीका ने ईडन गार्डन्स टेस्ट में 30 रनों से हराया

कोलकाता के प्रतिष्ठित ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के पहले मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को एक दुर्लभ और निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेज़बान भारत को रोमांचक मुकाबले में 30 रनों से पराजित कर दिया। यह मैच 14 नवंबर को शुरू हुआ था और 17 नवंबर को नाटकीय रूप से समाप्त हुआ, जिससे सीरीज़ में दक्षिण अफ्रीका ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है।


घरेलू गढ़ में हार और प्रदर्शन पर सवाल

 

घरेलू मैदान पर भारत की यह हार क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि भारतीय टीम को उनकी सरजमीं पर हराना लगभग नामुमकिन माना जाता है। इस हार ने टीम के समग्र प्रदर्शन, खासकर बल्लेबाजी इकाई और ईडन गार्डन्स की विकेट की प्रकृति पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:

  • अस्थिर बल्लेबाजी: भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप दोनों पारियों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई। महत्वपूर्ण साझेदारियाँ बनाने में विफलता और दबाव में विकेट गंवाने की आदत ने टीम को हार की ओर धकेला।

  • विकेट की आलोचना: कुछ पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने विकेट की अत्यधिक मदद करने वाली प्रकृति पर सवाल उठाए हैं, जो खेल के चौथे दिन तक भी बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण बनी रही। हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने भारतीय विकेट पर धैर्य दिखाते हुए बेहतर सामंजस्य प्रदर्शित किया।


वाशिंगटन सुंदर की नई भूमिका पर बहस

 

इस मैच का एक और अहम पहलू ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की बल्लेबाजी भूमिका में बदलाव रहा। सुंदर को टीम प्रबंधन ने मध्य क्रम में, विशेष रूप से नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने के लिए प्रमोट किया।

  • सकारात्मक पहलू: सुंदर ने अपनी नई भूमिका में कुछ हद तक आत्मविश्वास दिखाया, जिससे यह संकेत मिला कि टीम उन्हें भविष्य के लिए एक ‘बैटिंग ऑलराउंडर’ के रूप में विकसित करना चाहती है।

  • पूर्व क्रिकेटरों की चिंता: हालांकि, कुछ पूर्व खिलाड़ियों और समीक्षकों ने इस निर्णय पर आशंका व्यक्त की है। उनका मानना है कि उच्च क्रम में बल्लेबाजी करने का अतिरिक्त दबाव सुंदर की ऑफ-स्पिन गेंदबाजी को प्रभावित कर सकता है, जो टेस्ट टीम में उनकी प्राथमिक भूमिकाओं में से एक है। उनका तर्क है कि एक ऑलराउंडर के रूप में दोनों कौशल पर समान रूप से ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है।


अब गुवाहाटी में ‘करो या मरो’ का मुकाबला

 

इस हार के बाद, भारतीय टीम के लिए सीरीज़ में वापसी करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। दोनों टीमें अब सीरीज़ के दूसरे और निर्णायक मुकाबले के लिए गुवाहाटी का रुख करेंगी।

  • दूसरा टेस्ट: दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 22 नवंबर से गुवाहाटी में शुरू होगा।

  • भारत पर दबाव: यह मैच भारत के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति वाला है। सीरीज़ को बराबर करने के लिए उन्हें न केवल यह मैच जीतना होगा, बल्कि अपनी पिछली गलतियों से सबक लेकर बेहतर प्रदर्शन भी करना होगा।

  • रणनीतिक बदलाव की उम्मीद: टीम इंडिया से उम्मीद की जा रही है कि वे गुवाहाटी टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन और रणनीति में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करेंगे, ताकि दक्षिण अफ्रीका की तेज़ गेंदबाजी और संयमित बल्लेबाजी का बेहतर ढंग से मुकाबला किया जा सके।

यह हार भारतीय टीम के लिए एक कड़ा वेक-अप कॉल है, जिसे उन्हें अगले मुकाबले से पहले तत्काल सुधारना होगा।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️