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🏆 हॉकी: सुल्तान अज़लान शाह कप में भारत की रोमांचक विजय—न्यूजीलैंड को 3-2 से हराकर नॉकआउट की राह मजबूत

मलेशिया के इपोह शहर में आयोजित प्रतिष्ठित सुल्तान अज़लान शाह कप (Sultan Azlan Shah Cup) हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ एक बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में 3-2 से महत्वपूर्ण जीत दर्ज की है। यह जीत न केवल टूर्नामेंट में भारत की तीसरी या चौथी (यह मानते हुए कि यह समूह चरण का अंत है) सफलता है, बल्कि यह टीम के आत्मविश्वास और नॉकआउट चरण में प्रवेश की संभावनाओं को भी मजबूत करती है।

मैच का घटनाक्रम: उतार-चढ़ाव और संघर्ष

 

यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। न्यूजीलैंड, जो हमेशा एक मजबूत और शारीरिक रूप से दमदार प्रतिद्वंद्वी रहा है, ने शुरुआत से ही भारतीय रक्षापंक्ति पर दबाव बनाने की कोशिश की।

पहला क्वार्टर: भारत की तेज शुरुआत

 

भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत आक्रामक रुख के साथ की। फॉरवर्ड लाइन ने न्यूजीलैंड के डिफेंस को शुरुआती मिनटों में ही भंग करना शुरू कर दिया। भारत को जल्द ही इसका फायदा मिला जब अनुभवी खिलाड़ी मनदीप सिंह ने शानदार फील्ड गोल करते हुए टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। इस गोल ने भारतीय टीम को आत्मविश्वास दिया, लेकिन न्यूजीलैंड ने भी अपनी रणनीति को कस लिया।

दूसरा क्वार्टर: न्यूजीलैंड का पलटवार

 

दूसरे क्वार्टर में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। उन्होंने गेंद पर नियंत्रण बढ़ाया और लगातार पेनल्टी कॉर्नर अर्जित किए। भारतीय डिफेंस ने पहले कुछ प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल किया, लेकिन क्वार्टर के मध्य में, न्यूजीलैंड के कप्तान ने एक तेज ड्रैग-फ्लिक के माध्यम से गोलकीपर को छकाते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के बाद, दोनों टीमों के बीच मध्य मैदान में जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला और हाफ-टाइम तक स्कोर इसी बराबरी पर रहा।

तीसरा क्वार्टर: भारत की आक्रामकता और लीड

 

ब्रेक के बाद, भारतीय टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी। मुख्य कोच ने टीम को आक्रामक खेल जारी रखने का निर्देश दिया। भारत को तीसरे क्वार्टर के मध्य में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसका फायदा उठाते हुए स्टार ड्रैग-फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह ने एक शक्तिशाली शॉट लगाया, जो नेट के ऊपरी कोने में जा लगा। इस गोल से भारत ने फिर से 2-1 की बढ़त बना ली। इसके कुछ ही मिनटों बाद, भारत ने शानदार तालमेल का प्रदर्शन किया और युवा खिलाड़ी सुखजीत सिंह ने एक बेहतरीन पास को गोल में बदलकर स्कोर को 3-1 कर दिया।

चौथा क्वार्टर: रोमांचक अंतिम क्षण

 

चौथे और अंतिम क्वार्टर में न्यूजीलैंड ने मैच में वापस आने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भारतीय टीम को अपनी रक्षापंक्ति मजबूत करनी पड़ी। न्यूजीलैंड के लगातार दबाव के चलते, उन्हें एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे उन्होंने गोल में बदल दिया और स्कोर 3-2 कर दिया। अंतिम पांच मिनट बेहद तनावपूर्ण रहे, जब न्यूजीलैंड ने अपने गोलकीपर को हटाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी (Flying Goalkeeper) को मैदान में उतारा। हालांकि, भारतीय डिफेंस और गोलकीपर पी.आर. श्रीजेश ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड के हर प्रयास को विफल कर दिया और अंततः भारत ने मैच 3-2 से जीत लिया।

जीत का महत्व और आगे की राह

 

न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम पर यह जीत भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इस जीत ने लगभग सुनिश्चित कर दिया है कि भारत टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण (सेमीफाइनल) में प्रवेश करेगा।

  • आत्मविश्वास में वृद्धि: यह रोमांचक जीत न केवल अंक तालिका में मदद करेगी, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी, जो उन्हें नॉकआउट चरणों में और अधिक मजबूत प्रतिद्वंद्वियों (जैसे मेजबान मलेशिया या पाकिस्तान) का सामना करने के लिए तैयार करेगी।

  • तालमेल और आक्रामकता: भारतीय टीम ने इस मैच में जो शानदार तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया, वह यह दर्शाता है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है। विशेषकर, पेनल्टी कॉर्नर कन्वर्जन में सुधार और फील्ड गोलों में विविधता टीम की ताकत को बढ़ाती है।

अब भारतीय टीम की निगाहें नॉकआउट चरण पर टिकी हैं, जहाँ उन्हें किसी भी गलती की गुंजाइश नहीं मिलेगी। टीम को अब अपनी रक्षापंक्ति को और कसने तथा अंतिम क्षणों में दबाव को संभालने की अपनी क्षमता पर काम करना होगा, ताकि खिताब की दौड़ में मजबूती से बने रह सकें।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️