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🎾 झटका: सुमित नागल ऑस्ट्रेलियन ओपन वाइल्ड कार्ड प्ले-ऑफ से बाहर, मुख्य ड्रॉ का सपना टूटा

भारत के शीर्ष एकल टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल को वर्ष 2026 के पहले ग्रैंड स्लैम, ऑस्ट्रेलियन ओपन के मुख्य ड्रॉ में सीधे प्रवेश पाने के प्रयासों में एक बड़ा झटका लगा है। चीन के चेंगदू में आयोजित हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन एशिया-प्रशांत वाइल्ड कार्ड प्ले-ऑफ टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप मुख्य ड्रॉ में वाइल्ड कार्ड एंट्री हासिल करने का उनका सपना टूट गया।

क्वार्टर फाइनल में सीधे सेटों में हार

 

टूर्नामेंट में, नागल का मुकाबला शीर्ष वरीयता प्राप्त स्थानीय दावेदार युनचाओकेटे बू से था। यह मुकाबला एकतरफा साबित हुआ, क्योंकि नागल अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म और लय को खोजने में नाकाम रहे। उन्हें चीनी खिलाड़ी के सामने सीधे सेटों में (2-6, 2-6) से हार झेलनी पड़ी।

  • बू का दबदबा: युनचाओकेटे बू ने अपनी बेहतरीन सर्विंग और कोर्ट के चारों ओर शानदार मूवमेंट के साथ मैच में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। उन्होंने पहले सेट में दो बार नागल की सर्विस तोड़ी, जिससे स्कोर 6-2 हो गया।

  • नागल का संघर्ष: दूसरे सेट में भी कहानी कुछ अलग नहीं रही। नागल ने कुछ अच्छे शॉट्स लगाए, लेकिन बू ने निर्णायक पलों में शांत रहते हुए अंक बटोरे। नागल की अनफोर्सड त्रुटियां (Unforced Errors) बढ़ गईं, और वह मैच में कोई खास चुनौती पेश नहीं कर पाए, जिससे यह महत्वपूर्ण मुकाबला भी 6-2 के स्कोर के साथ समाप्त हुआ।

नागल, जो हाल के महीनों में चोटों और फॉर्म में अस्थिरता से जूझ रहे थे, इस महत्वपूर्ण मैच में वह आवश्यक आक्रामकता और निरंतरता नहीं दिखा पाए जिसके लिए वह जाने जाते हैं।

वाइल्ड कार्ड का महत्व और नुकसान

 

यह एशिया-प्रशांत वाइल्ड कार्ड प्ले-ऑफ टूर्नामेंट उस क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है, जिनकी रैंकिंग ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में सीधे प्रवेश के लिए पर्याप्त नहीं होती है। इस टूर्नामेंट का विजेता सीधे जनवरी 2026 में होने वाले ऑस्ट्रेलियन ओपन के मुख्य ड्रॉ में प्रवेश कर जाता है, जिससे उन्हें क्वालीफाइंग राउंड के कठिन दौर से गुजरने की आवश्यकता नहीं होती।

इस हार के साथ ही, सुमित नागल का मुख्य ड्रॉ में सीधे प्रवेश का रास्ता बंद हो गया है। अब उन्हें ऑस्ट्रेलियन ओपन में जगह बनाने के लिए या तो अगले कुछ हफ्तों में अपनी रैंकिंग में नाटकीय सुधार करना होगा, या फिर उन्हें क्वालीफाइंग राउंड में तीन कड़े मुकाबले जीतने होंगे, जो शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थकाऊ होते हैं।

नागल की यह हार भारतीय टेनिस के लिए एक निराशाजनक खबर है, क्योंकि देश के सबसे बड़े एकल सितारे का ग्रैंड स्लैम में प्रदर्शन देश के लिए गौरव का विषय होता है। अब भारतीय टेनिस प्रशंसकों की उम्मीदें नागल के जल्द ही फॉर्म में लौटने और क्वालीफायर के माध्यम से ऑस्ट्रेलियन ओपन में जगह बनाने पर टिकी होंगी।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️