
नई दिल्ली। विश्व हॉकी के सबसे बड़े मंच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 की सरगर्मियां अब तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) ने अगस्त 2026 में नीदरलैंड और बेल्जियम की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस महाकुंभ के लिए ‘पूल’ (Groups) की घोषणा कर दी है। भारतीय हॉकी प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ी और रोमांचक खबर यह है कि चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान को एक ही पूल-D में रखा गया है। मैदान पर जब भी ये दो टीमें आमने-सामने होती हैं, तो वह केवल एक खेल नहीं, बल्कि भावनाओं और जुनून का सैलाब होता है।
पूल-D: ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ की आहट?
पूल-D को इस विश्व कप का सबसे कठिन ग्रुप माना जा रहा है। भारत और पाकिस्तान के अलावा इस ग्रुप में इंग्लैंड जैसी बेहद मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम टीम को भी जगह दी गई है।
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भारत: वर्तमान में एशियाई चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता होने के नाते भारत इस ग्रुप की सबसे मजबूत टीमों में से एक है।
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पाकिस्तान: हालांकि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की रैंकिंग में गिरावट आई है, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में वे किसी भी टीम का खेल बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं।
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इंग्लैंड: यूरोपीय हॉकी की यह दिग्गज टीम अपनी शारीरिक क्षमता और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञता के लिए जानी जाती है।
कोच क्रेग फुलटन की ‘स्पेशल’ रणनीति
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुलटन ने पूल घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए काफी आत्मविश्वास दिखाया है। उन्होंने कहा कि टीम किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटेगी।
“हमें पता है कि पाकिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला हमेशा कड़ा होता है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में मानसिक मजबूती (Mental Toughness) की परीक्षा होती है, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ हमें तकनीकी रूप से श्रेष्ठ होना होगा। हमारी टीम वर्तमान में एक विशेष रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें डिफेंस को अभेद्य बनाने और काउंटर-अटैक की गति को बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।” — क्रेग फुलटन
कोच का मानना है कि अगस्त की गर्मी और नीदरलैंड-बेल्जियम की परिस्थितियां एशियाई टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, जिसके लिए अभी से अनुकूलन शिविर (Conditioning Camps) लगाए जा रहे हैं।
भारत-पाकिस्तान मुकाबला: इतिहास और उम्मीदें
हॉकी विश्व कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा से ही टूर्नामेंट का ‘हाइलाइट’ रहा है। 1975 के विश्व कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था, वहीं पाकिस्तान ने भी कई मौकों पर भारतीय उम्मीदों को तोड़ा है। 2026 के इस मुकाबले से उम्मीद की जा रही है कि यह दोनों देशों के बीच हॉकी के पुनरुत्थान (Revival) का गवाह बनेगा।
विश्व कप 2026 का प्रारूप
इस बार का विश्व कप संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। नीदरलैंड के एम्सटर्डम और बेल्जियम के वैवनल (Wavre) के ऐतिहासिक मैदानों पर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ 16 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी। ग्रुप स्टेज में टॉप पर रहने वाली टीमें सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान वाली टीमों को ‘क्रॉसओवर’ मैच खेलने होंगे।
भारतीय टीम की तैयारियां
भारतीय टीम वर्तमान में ‘प्रो लीग’ और विभिन्न आमंत्रण टूर्नामेंटों के जरिए अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परख रही है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में ड्रैग-फ्लिकिंग और मिडफील्ड कॉम्बिनेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी दिग्गजों का मिश्रण भारत को खिताब का प्रबल दावेदार बनाता है।
निष्कर्ष: रोमांच की पराकाष्ठा
अगस्त 2026 का इंतजार केवल हॉकी खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि करोड़ों खेल प्रेमियों को है। भारत और पाकिस्तान का एक ही पूल में होना न केवल इस टूर्नामेंट की व्यूअरशिप को रिकॉर्ड स्तर पर ले जाएगा, बल्कि मैदान पर उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलेगी। क्या भारत 1975 के इतिहास को दोहरा पाएगा? या पाकिस्तान अपनी खोई हुई साख वापस पाएगा? यह तो समय ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि पूल-D के मैच इस विश्व कप की सबसे बड़ी सुर्खियां बटोरेंगे।