
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी ही सरजमीं पर खेलना हमेशा से कठिन माना जाता है, लेकिन आज भारतीय महिला टीम एक अलग ही आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरी। बारिश और खराब मौसम के बीच खेले गए इस मैच में भारत ने न केवल परिस्थितियों से बल्कि दुनिया की सबसे मजबूत मानी जाने वाली टीम से भी लोहा लिया।
गेंदबाजों का घातक प्रहार
टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी करने का साहसी निर्णय लिया। सिडनी की पिच पर नमी का फायदा उठाते हुए भारतीय तेज गेंदबाजों ने शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।
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पावरप्ले का दबदबा: भारतीय स्ट्राइक गेंदबाजों ने शुरुआती 6 ओवरों में ही ऑस्ट्रेलिया के दो महत्वपूर्ण विकेट झटक लिए।
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मध्य क्रम का पतन: स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रनों की गति पर लगाम लगाई और नियमित अंतराल पर विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम निर्धारित ओवरों में एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचने के लिए संघर्ष करती नजर आई।
बारिश और DLS का गणित
मैच के दौरान बीच में आई तेज बारिश ने खेल में खलल डाला, जिसके कारण अंपायरों को डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) पद्धति का सहारा लेना पड़ा। खेल दोबारा शुरू होने पर भारत को एक संशोधित और छोटा लक्ष्य दिया गया। यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण हो सकता था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इसे महज एक औपचारिकता बना दिया।
सलामी बल्लेबाजों का तूफान
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय जोड़ी ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया।
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विस्फोटक शुरुआत: सलामी बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक के खिलाफ निर्भीक होकर शॉट खेले। मैदान के चारों ओर चौकों की बौछार ने सिडनी में मौजूद भारतीय समर्थकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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9 विकेट से फतह: भारत ने मात्र एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। शीर्ष क्रम की इस ठोस बल्लेबाजी ने यह सुनिश्चित किया कि मैच अंतिम ओवरों तक न खिंचे। टीम की उप-कप्तान और सलामी बल्लेबाज की जुगलबंदी ने ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दिशाहीन कर दिया।
सीरीज में मनोवैज्ञानिक बढ़त
तीन मैचों की इस टी20 सीरीज में भारत ने अब 1-0 की अजेय बढ़त बना ली है। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि:
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यह टीम के मनोबल को सातवें आसमान पर ले जाएगी।
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ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को उनके घर में हराना वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति मजबूत करता है।
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युवा खिलाड़ियों ने बड़े मंच पर दबाव झेलने की अपनी क्षमता साबित की है।
“आज हमारे गेंदबाजों ने योजना के अनुसार काम किया और बल्लेबाजों ने उसे बखूबी अंजाम दिया। ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में हराना हमेशा खास होता है।” — भारतीय कप्तान
निष्कर्ष: सिडनी की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्ण युग की ओर एक और कदम है। अब सभी की निगाहें अगले मुकाबले पर होंगी, जहाँ ऑस्ट्रेलिया वापसी की कोशिश करेगा और भारत सीरीज पर कब्जा करना चाहेगा।