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शूटिंग का शिखर: अर्जुन और इलावेनिल ने तोड़ा विश्व रिकॉर्ड, दिल्ली के करणी सिंह रेंज में रचा इतिहास

नई दिल्ली। भारत के स्टार निशानेबाजों, अर्जुन बाबूता और इलावेनिल वलारिवन ने दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एशियाई राइफल/पिस्तौल चैंपियनशिप 2026 में अपनी चमक बिखेरते हुए दुनिया को हैरान कर दिया है। रविवार, 8 फरवरी को 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में इस भारतीय जोड़ी ने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि एक नया विश्व रिकॉर्ड (World Record) भी स्थापित किया।

इस जीत ने न केवल भारत की पदक तालिका में इजाफा किया है, बल्कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार कर दिया है।


विश्व रिकॉर्ड वाली ऐतिहासिक पारी

अर्जुन और इलावेनिल की जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने कुल 505.0 अंकों का अविश्वसनीय स्कोर खड़ा किया।

  • पिछला रिकॉर्ड: इस जोड़ी ने जर्मनी की हन्ना बुहलमेयर और मैक्सिमिलियन उलब्रिच द्वारा पिछले महीने स्लोवेनिया में बनाए गए 502.7 अंकों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।

  • मुकाबला: फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया (501 अंक) और जापान (437.9 अंक) की टीमों को काफी पीछे छोड़ दिया। दक्षिण कोरिया को रजत और जापान को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

नए नियमों के तहत पहला बड़ा रिकॉर्ड

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) ने 1 जनवरी 2026 से मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए ‘फोर-टीम फाइनल फॉर्मेट’ लागू किया है। अर्जुन और इलावेनिल इस नए प्रारूप के तहत विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली पहली जोड़ी बन गए हैं।

इलावेनिल का ‘गोल्डन’ सफर

26 वर्षीय इलावेनिल वलारिवन के लिए यह चैंपियनशिप किसी सपने जैसी रही है। मिक्स्ड टीम गोल्ड से एक दिन पहले ही उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल के व्यक्तिगत स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता था। पेरिस ओलंपिक के अनुभव को अपनी ताकत बताते हुए इलावेनिल ने कहा कि वह वर्तमान में अपने खेल का पूरा आनंद ले रही हैं और अर्जुन के साथ उनका तालमेल (Coordination) जीत की सबसे बड़ी वजह रहा।

अर्जुन बाबूता का तकनीकी कौशल

वहीं, वर्ल्ड नंबर 7 अर्जुन बाबूता ने भी अपनी श्रेणी में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में पहले ही रजत पदक जीत लिया था। अर्जुन ने बताया कि उन्होंने अपनी बॉडी पोजीशन और ‘मसल फील’ पर काफी काम किया है, जिसका परिणाम इस विश्व रिकॉर्ड स्कोर के रूप में सामने आया है।

2028 ओलंपिक की ओर बढ़ते कदम

यह चैंपियनशिप भारत के लिए सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। नई दिल्ली में आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता से भारतीय निशानेबाजों को घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिल रहा है। हालांकि इस साल मुख्य कोटा स्थान नहीं थे, लेकिन इस प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) और कोचों को भरोसा दिलाया है कि 2027 में होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर में भारत अपनी अधिकतम सीटें पक्की कर सकता है।


निष्कर्ष

भारत ने इस चैंपियनशिप में अब तक 50 से अधिक पदक जीतकर अपना वर्चस्व कायम रखा है। अर्जुन और इलावेनिल की इस रिकॉर्ड-तोड़ जीत ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय निशानेबाजी अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया को दिशा दिखाने के लिए तैयार है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️