
दोहा। कतर की राजधानी दोहा में आयोजित FIDE वर्ल्ड रैपिड और ब्लिट्ज चैंपियनशिप 2025 भारतीय शतरंज के इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। भारत के 22 वर्षीय युवा ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी ने वह कारनामा कर दिखाया है, जिसका सपना हर शतरंज खिलाड़ी देखता है। अर्जुन ने मौजूदा विश्व चैंपियन और शतरंज की दुनिया के बेताज बादशाह मैग्नस कार्लसन को एक बेहद रोमांचक और उच्च स्तर के मुकाबले में शिकस्त देकर पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है।
जब ‘किंग’ के सामने ‘अर्जुन’ का लक्ष्य हुआ सटीक
ब्लिट्ज चैंपियनशिप (जहाँ खिलाड़ियों के पास सोचने के लिए बहुत कम समय होता है) के दौरान अर्जुन और कार्लसन का आमना-सामना हुआ। सफेद मोहरों से खेलते हुए अर्जुन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। मैग्नस कार्लसन, जो अपनी सटीक चालों और दबाव झेलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, अर्जुन की ‘कंप्यूटर जैसी’ सटीकता के सामने बेबस नजर आए।
मैच के अंतिम क्षणों में जब समय का दबाव चरम पर था, अर्जुन ने एक ऐसी चाल चली जिसने कार्लसन के डिफेंस को पूरी तरह छिन्न-भिन्न कर दिया। हार तय देख कार्लसन ने अपनी हार स्वीकार की और उनके चेहरे पर छाई निराशा साफ देखी जा सकती थी। इस जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय शतरंज के युवा सितारे अब दुनिया के किसी भी दिग्गज को हराने का माद्दा रखते हैं।
भारत की झोली में दो कांस्य पदक
अर्जुन एरिगैसी की यह जीत केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि इस चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन सामूहिक रूप से शानदार रहा।
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अर्जुन एरिगैसी (रैपिड वर्ग): ब्लिट्ज में कार्लसन को हराने से पहले, अर्जुन ने रैपिड चैंपियनशिप के ओपन वर्ग में जबरदस्त खेल दिखाते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) अपने नाम किया। वह पूरे टूर्नामेंट में शीर्ष खिलाड़ियों के बीच बने रहे।
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कोनेरू हम्पी (महिला रैपिड): भारत की अनुभवी खिलाड़ी और पूर्व विश्व चैंपियन कोनेरू हम्पी ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। महिला रैपिड वर्ग में उन्होंने कड़े संघर्ष के बाद कांस्य पदक जीता, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी निरंतरता का प्रमाण है।
विश्व शतरंज में भारत का बढ़ता दबदबा
पिछले कुछ वर्षों में गुकेश डी, प्रज्ञानंद और अब अर्जुन एरिगैसी ने जिस तरह का खेल दिखाया है, उससे यह साफ है कि विश्व शतरंज का केंद्र अब रूस और यूरोप से खिसक कर भारत की ओर आ रहा है। अर्जुन एरिगैसी की लाइव रेटिंग अब उन्हें दुनिया के टॉप 5 खिलाड़ियों की कतार में खड़ा कर रही है।
अर्जुन की जीत के मायने:
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मनोवैज्ञानिक बढ़त: कार्लसन जैसे खिलाड़ी को हराने से भारतीय युवाओं का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है।
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विश्व रैंकिंग: इस प्रदर्शन के बाद अर्जुन एरिगैसी की विश्व रैंकिंग में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
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अगली पीढ़ी की प्रेरणा: यह जीत भारत के उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा है जो शतरंज को करियर के रूप में देख रहे हैं।
कार्लसन की प्रतिक्रिया
मैच के बाद मैग्नस कार्लसन ने स्वीकार किया कि अर्जुन ने उनसे बेहतर खेल दिखाया। उन्होंने कहा, “अर्जुन बहुत तेजी से सुधार कर रहे हैं और उनके खिलाफ खेलना अब दुनिया के सबसे कठिन कामों में से एक है।”
निष्कर्ष
दोहा में भारतीय तिरंगा शान से लहराया है। अर्जुन एरिगैसी और कोनेरू हम्पी के इन पदकों ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि साल 2025 का अंत भारतीय खेलों के लिए बेहद सुखद रहा है। अब नजरें चैंपियनशिप के अंतिम दौर पर हैं, जहाँ भारत एक और स्वर्ण की उम्मीद कर रहा है।