🢀
लक्ष्य सेन का ‘मलेशियाई जादू’: विश्व चैंपियन को धूल चटाकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

कुआलालंपुर: भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे और देश के शीर्ष शटलर लक्ष्य सेन ने मलेशिया ओपन 2026 में अपने करियर का एक और स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। कुआलालंपुर के एक्सियाटा एरिना में खेले जा रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में लक्ष्य ने न केवल अपनी निरंतरता दिखाई, बल्कि दुनिया के सबसे दिग्गज खिलाड़ियों में शुमार मौजूदा विश्व चैंपियन को मात देकर खेल जगत को आश्चर्यचकित कर दिया है।

क्वार्टर फाइनल: एक ऐतिहासिक उलटफेर

क्वार्टर फाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन का सामना दुनिया के नंबर-1 और वर्तमान वर्ल्ड चैंपियन से था। मैच शुरू होने से पहले विशेषज्ञों का झुकाव विरोधी खिलाड़ी की ओर था, लेकिन लक्ष्य ने कोर्ट पर उतरते ही अपनी रणनीति और फुर्ती से मैच का पासा पलट दिया।

  • मैच का विवरण: लक्ष्य ने यह मुकाबला सीधे सेटों (21-18, 21-15) में अपने नाम किया।

  • रणनीति: भारतीय शटलर ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उनके तेज-तर्रार ‘स्मैश’ और नेट के पास बेहतरीन नियंत्रण ने विश्व चैंपियन को संभलने का मौका ही नहीं दिया। विशेष रूप से दूसरे सेट में जब स्कोर बराबर था, तब लक्ष्य के लगातार पांच अंकों ने मैच को पूरी तरह उनके पक्ष में झुका दिया।

शानदार अभियान और निरंतरता

मलेशिया ओपन 2026 की शुरुआत से ही लक्ष्य सेन जबरदस्त फॉर्म में नजर आ रहे हैं। इस जीत के साथ ही उन्होंने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उनके खेल में पिछले एक साल में जो परिपक्वता आई है, वह इस टूर्नामेंट में साफ दिख रही है। रक्षात्मक खेल और आक्रमण के बीच जो संतुलन उन्होंने बनाया है, वह उन्हें आने वाले समय के लिए एक खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बनाता है।

एशियन गेम्स के लिए जगी पदक की उम्मीदें

लक्ष्य सेन की इस जीत ने केवल मलेशिया ओपन में उनके सफर को आगे नहीं बढ़ाया है, बल्कि भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ा संकेत दिया है।

  1. मनोवैज्ञानिक लाभ: विश्व चैंपियन को बड़े टूर्नामेंट में हराने से लक्ष्य का मनोबल बढ़ा है, जो आगामी एशियन गेम्स (Asian Games) और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

  2. पदक की दावेदारी: पी.वी. सिंधु और एच.एस. प्रणय जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ, लक्ष्य सेन का यह फॉर्म भारत को बैडमिंटन में ‘गोल्ड मेडल’ का प्रबल दावेदार बनाता है।

  3. युवाओं के लिए प्रेरणा: प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी से निकले इस खिलाड़ी ने साबित कर दिया है कि भारतीय बैडमिंटन का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

प्रशंसकों और दिग्गजों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर ‘लक्ष्य सेन’ ट्रेंड कर रहा है। पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने उनकी इस जीत को भारतीय बैडमिंटन के लिए पिछले कुछ वर्षों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बताया है। कोच पुलेला गोपीचंद ने भी लक्ष्य के संयम और कोर्ट कवरेज की प्रशंसा की है।


निष्कर्ष: मलेशिया ओपन का सेमीफाइनल अब महज एक कदम दूर है, जहाँ लक्ष्य का मुकाबला एक अन्य एशियाई दिग्गज से होने की संभावना है। यदि वे इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब कुआलालंपुर की धरती पर भारतीय तिरंगा सबसे ऊपर लहराता दिखेगा।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️