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युवा सितारों का उदय: भारत अंडर-19 टीम ने दक्षिण अफ्रीका को चटाई धूल, नए साल का शानदार आगाज

जोहान्सबर्ग/नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में नजर आ रहा है। दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर भारतीय अंडर-19 टीम ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए मेजबान टीम को एक रोमांचक मुकाबले में परास्त कर दिया। साल 2026 की शुरुआत में मिली यह जीत न केवल टीम के मनोबल को बढ़ाने वाली है, बल्कि यह आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए भारतीय टीम की तैयारियों की पुख्ता गवाही भी देती है।

शुरुआत में लगा झटका: कप्तान का विकेट

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम के कप्तान और प्रतिभाशाली सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सस्ते में पवेलियन लौट गए। दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में अपनी स्विंग और गति से भारतीय शीर्ष क्रम को काफी परेशान किया। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम कम स्कोर पर सिमट जाएगी और दबाव पूरी तरह से युवा बल्लेबाजों पर था।


हरवंश पंगालिया और आरएस अंबरीश की ऐतिहासिक साझेदारी

जब टीम संकट में थी, तब हरवंश पंगालिया और आरएस अंबरीश ने क्रीज पर कदम रखा। इन दोनों युवा बल्लेबाजों ने न केवल विकेट गिरने के सिलसिले को रोका, बल्कि काउंटर-अटैक करते हुए दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

  • हरवंश पंगालिया: हरवंश ने अपनी पारी में तकनीकी मजबूती का प्रदर्शन किया। उन्होंने खराब गेंदों का इंतजार किया और गैप्स का बखूबी इस्तेमाल किया। उनके कवर ड्राइव और पुल शॉट्स ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

  • आरएस अंबरीश: दूसरी ओर, अंबरीश ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए कुछ शानदार छक्के जड़े।

दोनों बल्लेबाजों ने अपने-अपने शानदार अर्धशतक पूरे किए और शतकीय साझेदारी निभाकर भारत को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। इन दोनों की बल्लेबाजी की सबसे खास बात इनका तालमेल और विकेटों के बीच दौड़ रही।

गेंदबाजों का घातक प्रदर्शन

बल्लेबाजों द्वारा दिए गए लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम भारतीय गेंदबाजों के अनुशासन के सामने टिक नहीं सकी। भारतीय स्पिनरों ने मध्य ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी की, जिससे रन गति पर अंकुश लग गया। दबाव में आकर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने के प्रयास में अपने विकेट गंवाते चले गए। अंततः भारत ने एक बड़ी जीत दर्ज की।


भविष्य के संकेत

इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत का घरेलू ढांचा और ‘इंडिया-ए’ व ‘अंडर-19’ प्रोग्राम विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ क्यों माना जाता है। वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा नेतृत्व और पंगालिया-अंबरीश जैसे मध्यक्रम के बल्लेबाजों की मौजूदगी टीम इंडिया के लिए सुखद संकेत है।

कोच की प्रतिक्रिया: मैच के बाद टीम के मुख्य कोच ने कहा, “शुरुआती विकेट गिरने के बाद जिस तरह से लड़कों ने वापसी की, वह काबिले तारीफ है। हरवंश और अंबरीश ने परिपक्वता दिखाई। दक्षिण अफ्रीका में जीतना कभी आसान नहीं होता, और नए साल की शुरुआत इस तरह करना बहुत अच्छा है।”

निष्कर्ष: यह जीत केवल एक मैच की जीत नहीं है, बल्कि दक्षिण अफ्रीका की कठिन परिस्थितियों में भारतीय युवाओं के साहस की जीत है। यदि ये खिलाड़ी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो जल्द ही हम इन्हें सीनियर नेशनल टीम के दरवाजे खटखटाते हुए देखेंगे।

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