
वडोदरा। आज 13 जनवरी 2026 को भारतीय क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। वडोदरा के खचाखच भरे रिलायंस स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। साल 2026 की यह पहली द्विपक्षीय सीरीज न केवल घरेलू दर्शकों के लिए मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की तैयारियों की पहली बड़ी परीक्षा भी है।
टॉस और टीम संयोजन: युवा जोश और अनुभव का संगम
आज सुबह जब कप्तान शुभमन गिल और कीवी कप्तान टॉम लैथम टॉस के लिए मैदान पर उतरे, तो दर्शकों का उत्साह सातवें आसमान पर था। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। टीम इंडिया ने इस सीरीज के लिए एक बेहद संतुलित टीम चुनी है।
ओपनिंग की जिम्मेदारी खुद कप्तान शुभमन गिल संभाल रहे हैं, जबकि अनुभवी विराट कोहली नंबर तीन पर अपनी चिर-परिचित लय को बरकरार रखने के लिए तैयार हैं। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की वापसी ने टीम को मजबूती दी है। गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह के साथ युवा सनसनी मयंक यादव को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया गया है, जिनकी गति की चर्चा पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।
T20 वर्ल्ड कप 2026 की नींव
हालांकि यह वनडे सीरीज है, लेकिन मुख्य कोच और चयनकर्ताओं की नजरें आगामी T20 वर्ल्ड कप पर टिकी हैं। बीसीसीआई (BCCI) इस सीरीज का उपयोग खिलाड़ियों की ‘मैच फिटनेस’ और दबाव झेलने की क्षमता को परखने के लिए कर रहा है। कोच राहुल द्रविड़ (या वर्तमान कोच) का लक्ष्य स्ट्राइक रेट और बीच के ओवरों में स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक रुख को बेहतर बनाना है।
“हमारा लक्ष्य केवल यह सीरीज जीतना नहीं है, बल्कि एक ऐसा पूल तैयार करना है जो वर्ल्ड कप में किसी भी परिस्थिति में जीत दिला सके। न्यूजीलैंड हमेशा से एक अनुशासित टीम रही है, और उनके खिलाफ रन बनाना आसान नहीं होगा।” — शुभमन गिल (मैच पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस)
पिच रिपोर्ट और वडोदरा का माहौल
वडोदरा की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है, लेकिन मैच की शुरुआत में नमी के कारण तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है। स्पिनरों के लिए भी यहाँ टर्न मौजूद है, जो कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे गेंदबाजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। शहर में क्रिकेट का बुखार इस कदर है कि मैच के सभी टिकट हफ्तों पहले ही बिक चुके थे।
कीवी टीम की चुनौती
न्यूजीलैंड की टीम को कभी भी कम करके नहीं आंका जा सकता। भले ही उनके कुछ सीनियर खिलाड़ी चोटिल हैं, लेकिन डेरिल मिचेल और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अच्छा अनुभव रखते हैं। कीवी गेंदबाजों का लक्ष्य पावरप्ले में भारतीय शीर्ष क्रम को जल्दी आउट कर दबाव बनाना होगा।
फैंस के लिए क्या है खास?
इस मैच के जरिए कई रिकॉर्ड्स भी दांव पर हैं। विराट कोहली वनडे क्रिकेट में एक और बड़े मील के पत्थर की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं शुभमन गिल बतौर कप्तान अपनी पहली घरेलू वनडे सीरीज में छाप छोड़ने को बेताब हैं।
अगला अपडेट: दोपहर के सत्र में भारतीय पारी के स्कोर और कीवी गेंदबाजों के प्रदर्शन के साथ हम फिर जुड़ेंगे।