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भारत बनाम इंग्लैंड: तीसरे टेस्ट में टीम इंडिया का दबदबा, यशस्वी के ‘तूफान’ और अश्विन की ‘फिरकी’ में फंसी इंग्लिश टीम

राजकोट। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ से भारतीय टीम की जीत लगभग तय नजर आ रही है। घरेलू मैदान पर खेलते हुए रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने खेल के हर विभाग—बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—में अंग्रेजों को पछाड़ दिया है। इस मैच में युवा जोश और अनुभव का ऐसा संगम देखने को मिला है जिसने ‘बैज़बॉल’ (Bazball) क्रिकेट के गुरूर को चकनाचूर कर दिया है।

यशस्वी जायसवाल: भारतीय क्रिकेट का नया चमकता सितारा

इस टेस्ट मैच की सबसे बड़ी हाईलाइट युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी रही। यशस्वी ने दूसरी पारी में जिस निर्भीकता के साथ बल्लेबाजी की, उसने इंग्लैंड के गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। उन्होंने न केवल अपना शानदार शतक पूरा किया, बल्कि बड़े-बड़े छक्के जड़कर यह साबित कर दिया कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। यशस्वी की पारी की सबसे खास बात उनकी टाइमिंग और स्पिनर्स के खिलाफ फुटवर्क रहा। उनके इस शतक ने भारत को दूसरी पारी में एक ऐसी बढ़त दिला दी है, जिसे पार करना इंग्लैंड के लिए किसी हिमालय चढ़ने जैसा होगा।

शुभमन गिल की ‘क्लास’ और सधी हुई पारी

दूसरी ओर, शुभमन गिल ने अपनी फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों का करारा जवाब दिया है। पहली पारी की निराशा को पीछे छोड़ते हुए गिल ने दूसरी पारी में बेहद सधी हुई और तकनीकी रूप से सक्षम पारी खेली। उन्होंने यशस्वी का बखूबी साथ निभाया और विकेट के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। गिल की इस पारी ने भारतीय मध्यक्रम को वह मजबूती प्रदान की, जिसकी टीम को सख्त जरूरत थी। इन दोनों युवाओं के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया है।

अश्विन की जादुई फिरकी और ऐतिहासिक उपलब्धि

गेंदबाजी की बात करें तो अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन एक बार फिर इंग्लैंड के लिए पहेली बन गए हैं। अश्विन ने अपनी फिरकी के जाल में अंग्रेज बल्लेबाजों को ऐसा उलझाया कि वे रन बनाने के लिए तरसते नजर आए। इसी मैच के दौरान अश्विन ने अपने टेस्ट करियर के 500 विकेट भी पूरे किए, जो किसी भी भारतीय गेंदबाज के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

अश्विन की गेंदों में मिलने वाला उछाल और टर्न इंग्लैंड के बल्लेबाजों, खासकर बेन डकेट और ओली पोप के लिए काल साबित हुआ। रविंद्र जडेजा ने भी अपने घरेलू मैदान का पूरा फायदा उठाते हुए अश्विन का साथ दिया और रनों की गति पर अंकुश लगाए रखा।

इंग्लैंड की ‘बैज़बॉल’ रणनीति फेल?

इंग्लैंड की टीम, जो अपनी आक्रामक ‘बैज़बॉल’ शैली के लिए जानी जाती है, भारतीय स्पिनर्स के सामने बेबस दिखी। जो रूट और बेन स्टोक्स जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी भारतीय परिस्थितियों में संघर्ष करते नजर आए। दूसरी पारी में विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड के शीर्ष क्रम का जल्दी लड़खड़ाना उनके लिए खतरे की घंटी है। भारतीय गेंदबाजों ने स्टंप-टू-स्टंप गेंदबाजी कर अंग्रेजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया।

मैच का निर्णायक मोड़

वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारत ने 400 से अधिक रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में चौथी पारी में इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना लगभग नामुमकिन माना जाता है, खासकर भारतीय पिचों पर जहाँ पांचवें दिन गेंद काफी टर्न लेती है।

विशेषज्ञों की राय: > क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि भारतीय गेंदबाज अपनी लय बरकरार रखते हैं, तो यह मैच चौथे दिन के खेल के अंत तक या पांचवें दिन के पहले सत्र में भारत की झोली में होगा। भारत इस जीत के साथ सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाने की दहलीज पर खड़ा है।


निष्कर्ष

यह टेस्ट मैच भारतीय क्रिकेट के भविष्य की एक झलक पेश करता है, जहाँ यशस्वी और गिल जैसे युवा खिलाड़ी जिम्मेदारी उठा रहे हैं और अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मार्गदर्शन कर रहे हैं। राजकोट का यह मैदान भारतीय टीम की रणनीतिक जीत का गवाह बनने जा रहा है।

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