🢀
भारत-पाक महामुकाबला: सस्पेंस के बीच सकारात्मक संकेत, क्या कोलंबो में होगा धमाका?

नई दिल्ली/इस्लामाबाद। क्रिकेट जगत के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों, भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी 2026 को होने वाले महामुकाबले को लेकर पिछले कई दिनों से जारी अनिश्चितता के बादल अब छंटते नजर आ रहे हैं। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के इस हाई-वोल्टेज मैच पर मंडरा रहे बहिष्कार के खतरे के बीच आज एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद टीम को भारत के खिलाफ मैदान पर उतारने के लिए सहमति बनती दिख रही है।


शहबाज शरीफ और मोहसिन नकवी की अहम बैठक

आज, 9 फरवरी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) द्वारा दी गई चेतावनी और मैच न खेलने की स्थिति में होने वाले भारी नुकसान पर चर्चा करना था।

गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने पहले बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का संकेत दिया था। हालांकि, लाहौर में आईसीसी डेलीगेशन के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद पीसीबी के तेवर अब कुछ नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं।

अगले 24 घंटे हैं निर्णायक

बैठक के बाद निकलकर आ रही खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार अगले 24 घंटों के भीतर अपना अंतिम रुख स्पष्ट कर देगी। आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि पाकिस्तान इस मैच का बहिष्कार करता है, तो इसे ‘वॉकओवर’ माना जाएगा और भारत को बिना खेले ही अंक मिल जाएंगे। साथ ही, पीसीबी पर भारी जुर्माना और भविष्य के आईसीसी टूर्नामेंटों में भागीदारी पर संकट भी आ सकता है। इन कड़े नियमों और आर्थिक दबाव के कारण अब पाकिस्तान के खेलने की संभावना 90% तक बढ़ गई है।

क्यों फंसा था पेंच?

विवाद की मुख्य जड़ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और सुरक्षा चिंताओं से जुड़ी थी। पाकिस्तान का तर्क था कि चूंकि बांग्लादेश की टीम भारत आने में असहज महसूस कर रही थी, इसलिए वे भी विरोध स्वरूप भारत के खिलाफ नहीं खेलेंगे। लेकिन आईसीसी ने ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) क्लॉज के तहत पाकिस्तान की दलीलों को कमजोर बताते हुए कड़ा रुख अपनाया।

फैंस के लिए बड़ी राहत

कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले इस मैच के सभी टिकट पहले ही बिक चुके हैं। क्रिकेट प्रेमी इस खबर से बेहद उत्साहित हैं कि उन्हें एक बार फिर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम और पाकिस्तानी गेंदबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। बीसीसीआई (BCCI) ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे पूरी तरह से आईसीसी के निर्देशों का पालन करेंगे और उनकी टीम खेलने के लिए तैयार है।


निष्कर्ष

क्रिकेट में कूटनीति हमेशा एक अहम भूमिका निभाती है, लेकिन खेल की भावना और करोड़ों फैंस की उम्मीदें अक्सर विवादों पर भारी पड़ती हैं। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 15 फरवरी को पूरी दुनिया की नजरें कोलंबो पर टिकी होंगी।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️