
भुवनेश्वर। भारत के खेल मानचित्र पर ‘स्पोर्ट्स कैपिटल’ के रूप में अपनी पहचान बना चुका ओडिशा एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) ने अपने 2026 के वार्षिक कैलेंडर में एक क्रांतिकारी घोषणा की है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर इस महीने के अंत में देश की पहली ‘नेशनल इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप’ की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह आयोजन भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि अब तक भारत में बड़े स्तर पर ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताएं मुख्य रूप से आउटडोर ही आयोजित की जाती रही हैं।
कलिंगा स्टेडियम: आधुनिकता का नया केंद्र
इस ऐतिहासिक चैंपियनशिप का आयोजन भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित कलिंगा स्टेडियम परिसर में बने नवनिर्मित इंडोर एथलेटिक्स सेंटर में किया जाएगा। यह केंद्र भारत का पहला और सबसे आधुनिक इंडोर ट्रैक है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानकों (World Athletics मानकों) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इस इंडोर ट्रैक की मुख्य विशेषताएं:
-
सिंथेटिक ट्रैक: यहां 200 मीटर का छह-लेन वाला सिंथेटिक ट्रैक बिछाया गया है, जो एथलीटों को घर्षण और गति का सही संतुलन प्रदान करता है।
-
मौसम का प्रभाव शून्य: इंडोर होने के कारण, एथलीटों को बाहरी हवा, अत्यधिक गर्मी या अचानक होने वाली बारिश की चिंता नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनके प्रदर्शन में और सुधार आने की उम्मीद है।
-
हाई-टेक सुविधाएं: स्टेडियम में डिजिटल टाइमिंग सिस्टम, फोटो-फिनिश कैमरे और एथलीटों के लिए अत्याधुनिक रिकवरी रूम की व्यवस्था की गई है।
एथलीटों के लिए वैश्विक मंच की तैयारी
भारतीय एथलीट अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर (विशेषकर एशियाई और विश्व इंडोर चैंपियनशिप में) इसलिए पिछड़ जाते थे क्योंकि उन्हें घरेलू स्तर पर इंडोर ट्रैक का अनुभव नहीं मिल पाता था। आउटडोर और इंडोर एथलेटिक्स की तकनीक और गति में सूक्ष्म अंतर होता है।
एएफआई (AFI) के अधिकारियों के अनुसार, इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य भारतीय एथलीटों को वैश्विक मंच के लिए तैयार करना है। जब हमारे धावक, लंबी कूद के खिलाड़ी और पोल वॉल्टर इस नियंत्रित वातावरण में अभ्यास और प्रतिस्पर्धा करेंगे, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की उनकी संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
कौन-कौन से होंगे मुख्य इवेंट?
इस चैंपियनशिप में ट्रैक और फील्ड के कई रोमांचक इवेंट्स शामिल किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख हैं:
-
दौड़: 60 मीटर स्प्रिंट, 60 मीटर बाधा दौड़ (Hurdles), 400 मीटर, 800 मीटर और 1500 मीटर की दौड़।
-
जंप: ऊंची कूद (High Jump), लंबी कूद (Long Jump) और ट्रिपल जंप।
-
थ्रो: शॉट पुट (गोला फेंक)।
ओडिशा सरकार का खेल विजन
मुख्यमंत्री और ओडिशा के खेल विभाग ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। ओडिशा सरकार ने पिछले एक दशक में हॉकी के बाद अब एथलेटिक्स को गोद लिया है। भुवनेश्वर में रिलायंस फाउंडेशन और एएफआई के साथ मिलकर एथलेटिक्स हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) पहले से ही चल रहा है, जिसने ज्योति यारजी जैसे कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक खिलाड़ी दिए हैं।
निष्कर्ष
भुवनेश्वर में होने वाली यह पहली नेशनल इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप न केवल रिकॉर्ड तोड़ने का मंच बनेगी, बल्कि यह भारतीय खेलों के बुनियादी ढांचे की मजबूती का प्रमाण भी होगी। इस महीने के अंत में जब देशभर के सितारे इस इंडोर ट्रैक पर उतरेंगे, तो भारतीय एथलेटिक्स की एक नई और उज्ज्वल तस्वीर दुनिया के सामने आएगी।