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ब्रिस्बेन में भिड़ंत: वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया ‘अग्निपरीक्षा’

ब्रिस्बेन। भारतीय महिला टीम के लिए आज का दिन बेहद खास है। टी20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में 2-1 से हराकर इतिहास रचने के बाद, हरमनप्रीत कौर की सेना अब वनडे प्रारूप में अपना दबदबा बनाने उतरी है। ब्रिस्बेन की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में यह मुकाबला न केवल सीरीज की दिशा तय करेगा, बल्कि आगामी महिला वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया की तैयारियों का लिटमस टेस्ट भी होगा।

टॉस और शुरुआती झटके

टॉस को लेकर थोड़ी अस्पष्टता के बीच ताज़ा अपडेट यह है कि भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। हालांकि, पिच पर भारतीय सलामी जोड़ी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।

  • स्मृति मंधाना का संघर्ष: स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और शानदार 58 रन (68 गेंद) बनाए, लेकिन अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद वे ताहलिया मैकग्रा का शिकार बन गईं।

  • शुरुआती विकेट: भारत ने अपने दो विकेट जल्दी खो दिए थे। युवा प्रतिका रावल (0) और शेफाली वर्मा (4) बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहीं, जिससे टीम दबाव में आ गई।

  • मिडल ऑर्डर का मोर्चा: कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ के सामने रन बनाना आसान नहीं रहा।

ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी का दबदबा

मेजबान टीम, जो टी20 सीरीज की हार का बदला लेने के इरादे से उतरी है, ने गेंद के साथ शानदार अनुशासन दिखाया है। मेगन शुट्ट ने शुरुआती सफलता दिलाई, जबकि स्पिनर अलाना किंग और सोफी मोलिन्यू ने मध्य ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को बांधे रखा। समाचार लिखे जाने तक भारत ने 37 ओवरों में 6 विकेट खोकर 163 रन बना लिए हैं। क्रीज पर हरमनप्रीत कौर (33*) के साथ युवा काशवी गौतम संघर्ष कर रही हैं।

सीरीज का महत्व: क्यों है यह मुकाबला खास?

  1. वर्ल्ड कप की तैयारी: आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप अब ज्यादा दूर नहीं है। ऑस्ट्रेलिया जैसी विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ उनकी पिचों पर खेलना भारतीय खिलाड़ियों को दबाव झेलने और अपनी तकनीकी खामियों को सुधारने का मौका देता है।

  2. ऐतिहासिक मनोबल: भारत ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया को टी20 सीरीज में हराया है, जो पिछले 10 वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई धरती पर उनकी पहली सीरीज जीत थी। इस लय को वनडे में बरकरार रखना टीम के आत्मविश्वास के लिए जरूरी है।

  3. एलिसा हीली का विदाई सफर: यह सीरीज ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज एलिसा हीली के लिए भी भावनात्मक है, क्योंकि वे वनडे प्रारूप से संन्यास की ओर बढ़ रही हैं।

भारतीय टीम की रणनीति

भारतीय टीम की नजरें अब निचले क्रम के बल्लेबाजों की मदद से स्कोर को 230-240 के पार ले जाने पर होंगी। ब्रिस्बेन की पिच पर स्पिनरों को मदद मिल रही है, ऐसे में दीप्ति शर्मा और श्रेयंका पाटिल की भूमिका दूसरी पारी में महत्वपूर्ण हो जाएगी।


निष्कर्ष: ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में हराना कभी आसान नहीं होता, लेकिन इस ‘नई भारतीय टीम’ ने दिखाया है कि उनमें लड़ने का जज्बा है। क्या भारत इस चुनौतीपूर्ण स्कोर को डिफेंड कर पाएगा या ऑस्ट्रेलिया घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाएगा?

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