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बड़ा खेल समाचार: जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 से पाकिस्तान ने खींचा हाथ, भारत में होगा आयोजन

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों में तनाव एक बार फिर स्पष्ट रूप से सामने आया है। अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए पुष्टि की कि पाकिस्तान की पुरुष जूनियर हॉकी टीम ने आगामी जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 से अपना नाम वापस ले लिया है। यह फैसला टूर्नामेंट के ठीक पहले आया है, जिससे आयोजकों और खेल प्रेमियों में निराशा है।

 

भारत में होना है जूनियर विश्व कप

 

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन इसी साल 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक भारत के दो प्रमुख शहरों, चेन्नई और मदुरै में होना है। यह एक वैश्विक टूर्नामेंट है जिसमें दुनिया भर की 24 टीमें हिस्सा लेती हैं, और यह युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

पाकिस्तान की टीम ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए सफलतापूर्वक क्वालिफाई कर लिया था, लेकिन अंतिम क्षणों में नाम वापस लेने के इस निर्णय ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

तनावपूर्ण माहौल बना कारण

 

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा नाम वापस लेने का मुख्य कारण दोनों देशों के बीच मौजूदा तनावपूर्ण राजनीतिक और कूटनीतिक माहौल है। भारत सरकार की नीति पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर प्रतिबंध लगाने की रही है, जिसके चलते अक्सर पाकिस्तानी टीमों को भारत में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

इससे पहले भी, पाकिस्तानी टीम ने हाल ही में भारत में आयोजित हुए एशिया कप हॉकी में भाग नहीं लिया था। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े आयोजनों से पाकिस्तान का दूर रहना, उसके अंतर्राष्ट्रीय हॉकी के भविष्य और खिलाड़ियों के मनोबल के लिए एक बड़ा झटका है।

 

एफआईएच की प्रतिक्रिया

 

पाकिस्तान के हटने के बाद, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) ने बयान जारी कर कहा है कि यह टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगा। एफआईएच ने जल्द ही पाकिस्तान की जगह लेने वाली नई टीम की घोषणा करने का वादा किया है, ताकि टूर्नामेंट में टीमों की पूरी संख्या बनी रहे और प्रतियोगिता बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

भारत, एक मेजबान देश के रूप में, इस टूर्नामेंट को समावेशी भावना के साथ आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, पाकिस्तान का हटना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राजनीति अभी भी उपमहाद्वीप के सबसे पुराने खेल प्रतिद्वंद्विता को प्रभावित कर रही है। भारतीय जूनियर टीम अपने घरेलू मैदान पर खेलने और खिताब जीतने के लिए उत्सुक होगी, जबकि प्रशंसकों को भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले रोमांचक मुकाबले को देखने का मौका नहीं मिलेगा।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️