
पेरिस (रोलां गैरो)। साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन 2026 से टेनिस जगत को स्तब्ध कर देने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे खेल जगत को हिलाकर रख दिया है। रोलां गैरो के लाल बजरी (क्ले कोर्ट) पर खिताब के सबसे बड़े दावेदार, डिफेंडिंग चैंपियन और वर्तमान में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी इटली के जनिक सिनर टूर्नामेंट के दूसरे दौर में ही बाहर हो गए हैं। टेनिस इतिहास के सबसे अप्रत्याशित और चौंकाने वाले उलटफेर में अर्जेंटीना के गैर-वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जुआन मैनुअल सेरुंडोलो ने सिनर को हराकर तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया है।
यह मुकाबला खेल के उतार-चढ़ाव से कहीं ज्यादा एक खिलाड़ी के शारीरिक संघर्ष और खेल की क्रूर सच्चाई की दास्तां बयां करता है। एक समय मैच को पूरी तरह अपनी मुट्ठी में कर चुके सिनर जीत से महज एक गेम दूर थे, लेकिन तभी उनके शरीर ने उनका साथ छोड़ दिया और देखते ही देखते पूरा मैच उनकी पकड़ से रेत की तरह फिसल गया।
जीत के मुहाने पर खड़े थे सिनर: 6-3, 6-2, 5-1 का वो स्कोर
मुकाबले की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक ही हुई थी। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी जनिक सिनर ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में खेलना शुरू किया। उन्होंने अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो के खिलाफ पहले सेट को आसानी से 6-3 और दूसरे सेट को 6-2 से अपने नाम कर लिया। तीसरे सेट में भी सिनर का दबदबा पूरी तरह कायम रहा और उन्होंने विपक्षी खिलाड़ी की सर्विस ब्रेक करते हुए 5-1 की विशाल और अजेय बढ़त बना ली थी।
मैदान पर मौजूद दर्शकों से लेकर कमेंटेटर्स तक सभी मान चुके थे कि मैच अगले पांच मिनट में खत्म होने वाला है और सिनर आसानी से तीसरे दौर में पहुंच जाएंगे। सेरुंडोलो भी लगभग हार स्वीकार कर चुके थे, लेकिन तभी रोलां गैरो के कोर्ट पर वो हुआ जिसने मैच का भूगोल और इतिहास दोनों बदल दिया।
क्रैम्पिंग, चक्कर और मतली: जब शरीर बना सबसे बड़ा दुश्मन
जब सिनर मैच जीतने के लिए सर्विस करने आए, तो अचानक उनके मूवमेंट धीमे हो गए। भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार खेलने के कारण सिनर का शरीर ‘डीहाइड्रेशन’ का शिकार हो गया। वे अचानक गंभीर शारीरिक ऐंठन (Severe Cramping), चक्कर आने और मतली (जी मिचलाने) की समस्या से जूझने लगे।
[मैच का टर्निंग पॉइंट]
सिनर की मजबूत स्थिति (5-1) ➔ डिहाइड्रेशन व ऐंठन (Cramping) ➔ मेडिकल टाइम-आउट ➔ सेरुंडोलो की वापसी
सिनर के लिए कोर्ट पर खड़ा होना भी दूभर हो गया था। उन्होंने तुरंत मेडिकल टाइम-आउट लिया। फिजियो ने आकर उनकी मांसपेशियों को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन क्ले कोर्ट की भारी लाल बजरी पर पैर टिकाना उनके लिए दर्दनाक होता जा रहा था। वे न तो ठीक से सर्व कर पा रहे थे और नहीं बेसलाइन पर दौड़ पा रहे थे।
सेरुंडोलो की ऐतिहासिक वापसी: मलबे से खींच लाए जीत
दूसरी तरफ, अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो ने कोर्ट की इस बदली हुई परिस्थिति और सिनर की लाचारी को भांप लिया। उन्होंने समझदारी दिखाते हुए रैली को लंबा खींचना शुरू किया ताकि सिनर को ज्यादा दौड़ना पड़े। जो सिनर कुछ मिनट पहले तक विनर पर विनर लगा रहे थे, वे अब केवल गेंद को कोर्ट में वापस धकेलने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
सेरुंडोलो ने लगातार 6 गेम जीतकर तीसरे सेट को 7-5 से अपने नाम कर सनसनी मचा दी। इसके बाद के दो सेटों में कहानी पूरी तरह बदल चुकी थी। सिनर केवल औपचारिकता के लिए कोर्ट पर खड़े थे, क्योंकि वे हार मानकर रिटायर्ड हर्ट नहीं होना चाहते थे। सेरुंडोलो ने अगले दोनों सेटों में 6-1, 6-1 से एकतरफा जीत दर्ज की।
| सेट | जनिक सिनर (ITA) | जुआन मैनुअल सेरुंडोलो (ARG) | मैच की स्थिति |
| पहला सेट | 6 | 3 | सिनर का दबदबा |
| दूसरा सेट | 6 | 2 | सिनर जीत के करीब |
| तीसरा सेट | 5 | 7 | सिनर को क्रैम्प, सेरुंडोलो की वापसी |
| चौथा सेट | 1 | 6 | सिनर बेबस, सेरुंडोलो हावी |
| पांचवां सेट | 1 | 6 | सेरुंडोलो विजेता (3-2) |
रो पड़े सिनर, खेल भावना ने जीता दिल
मैच खत्म होने के बाद जहां सेरुंडोलो अपनी इस ऐतिहासिक और अकल्पनीय जीत के जश्न में डूब गए, वहीं जनिक सिनर कोर्ट पर ही अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। यह हार किसी तकनीकी कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि शारीरिक लाचारी की वजह से मिली थी। हालांकि, इतनी तकलीफ के बावजूद मैच को पूरा करने के लिए पेरिस के दर्शकों ने खड़े होकर (स्टैंडिंग ओवेशन) सिनर की खेल भावना को सलाम किया। इस बड़े उलटफेर के बाद अब फ्रेंच ओपन 2026 का खिताब का समीकरण पूरी तरह से खुल गया है।