
मैड्रिड/बैंकॉक: फुटबॉल की दुनिया इस समय दो विपरीत ध्रुवों के बीच झूल रही है। एक तरफ जहाँ मैदान पर जीत का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ खेल की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली नस्लवाद (Racism) की घटनाओं ने एक बार फिर सिर उठाया है। चैंपियंस लीग के हालिया मुकाबलों ने जहाँ रोमांच की नई ऊँचाइयों को छुआ, वहीं कुछ विवादों ने खेल प्रशासकों की नींद उड़ा दी है।
1. विनिसियस जूनियर के साथ फिर बदसलूकी: रियल मैड्रिड का कड़ा रुख
ब्राजील के स्टार खिलाड़ी और रियल मैड्रिड के फॉरवर्ड विनिसियस जूनियर एक बार फिर नस्लीय नफरत का शिकार हुए हैं। चैंपियंस लीग में बेनफिका के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान दर्शकों के एक समूह ने विनिसियस पर कथित रूप से नस्लीय टिप्पणियाँ कीं।
क्लब ने सौंपे सबूत: रियल मैड्रिड ने इस मामले को हल्के में न लेते हुए सीधे यूरोपीय फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था यूईएफए (UEFA) का दरवाजा खटखटाया है। क्लब ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर सौंप दिए हैं। मैड्रिड का कहना है कि विनिसियस को बार-बार इस तरह की मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है, जो खेल की मूल भावना के खिलाफ है।
सख्त कार्रवाई की मांग: रियल मैड्रिड ने मांग की है कि बेनफिका के उन समर्थकों की पहचान कर उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाए और संबंधित क्लब पर भी जुर्माना या ‘क्लोज्ड डोर’ (बिना दर्शकों के) मैच खेलने की सजा दी जाए। विनिसियस जूनियर ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज बुलंद की है, उन्हें फुटबॉल जगत के अन्य दिग्गज खिलाड़ियों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।
2. एएफसी चैंपियंस लीग: बुरिराम यूनाइटेड की ऐतिहासिक जीत
एशियाई फुटबॉल के मोर्चे पर, थाईलैंड के क्लब बुरिराम यूनाइटेड ने एक बड़ा धमाका किया है। एएफसी चैंपियंस लीग (AFC Champions League) के ग्रुप स्टेज मुकाबले में बुरिराम ने चीन के दिग्गज क्लब शंघाई शेनहुआ को 2-0 से करारी शिकस्त दी।
मैच का हाल: बुरिराम के घरेलू मैदान पर खेले गए इस मैच में थाई क्लब ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। पहले हाफ के अंत में एक बेहतरीन मैदानी गोल की मदद से बुरिराम ने बढ़त बनाई, जिसे दूसरे हाफ के 75वें मिनट में दोगुना कर दिया। शंघाई शेनहुआ की टीम, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय सितारे शामिल हैं, बुरिराम की मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रही।
नॉकआउट में प्रवेश: इस जीत के साथ ही बुरिराम यूनाइटेड ने टूर्नामेंट के नॉकआउट राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली है। किसी थाई क्लब के लिए एशिया की इस सबसे बड़ी क्लब प्रतियोगिता के अंतिम चरणों में पहुँचना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस जीत ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई फुटबॉल के बढ़ते स्तर को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया है।
निष्कर्ष: खेल और अनुशासन का संतुलन
ये दोनों खबरें फुटबॉल के दो अलग-अलग पहलुओं को दर्शाती हैं। जहाँ बुरिराम यूनाइटेड की जीत यह बताती है कि कड़ी मेहनत और सही रणनीति से छोटे क्लब भी बड़े दिग्गजों को धूल चटा सकते हैं, वहीं विनिसियस जूनियर का मामला यह याद दिलाता है कि खेल के मैदान से नफरत को खत्म करने के लिए अभी बहुत लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
यूईएफए की अनुशासन समिति अब मैड्रिड द्वारा सौंपे गए सबूतों की जांच कर रही है। फुटबॉल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बन सके।