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पोलो इतिहास की बड़ी जीत: भारत ने ‘पावरहाउस’ अर्जेंटीना को हराकर जीता कोग्निवेरा इंटरनेशनल कप; दिल्ली में लहराया तिरंगा

नई दिल्ली। भारतीय पोलो के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। दिल्ली के प्रतिष्ठित जयपुर पोलो ग्राउंड में खेले गए कोग्निवेरा इंटरनेशनल पोलो कप 2025 के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पोलो की दुनिया के ‘पावरहाउस’ माने जाने वाले अर्जेंटीना को एक बेहद ही रोमांचक और कड़े मुकाबले में 10-9 के अंतर से शिकस्त दी। यह जीत न सिर्फ एक टूर्नामेंट की जीत है, बल्कि यह भारतीय पोलो की वैश्विक पटल पर बढ़ती ताकत का स्पष्ट संकेत है।

पूरा फाइनल मुकाबला शुरू से अंत तक नाखून चबाने वाला रहा। दोनों ही टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, जिससे स्कोर में लगातार उतार-चढ़ाव आता रहा। अर्जेंटीनाई टीम, जो पोलो के खेल में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में गिनी जाती है, अपनी तेज रफ्तार और शानदार समन्वय के लिए जानी जाती है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उनके हर आक्रमण का मजबूती से जवाब दिया।

भारतीय टीम की जीत के नायक रहे कप्तान और उनके सहयोगी खिलाड़ी, जिन्होंने मैदान पर बेहतरीन तालमेल और असाधारण घोड़े की सवारी का प्रदर्शन किया। मैच के शुरुआती ‘चक्कर’ (chukkers) में अर्जेंटीना ने अपनी बढ़त बनाई, लेकिन भारतीय टीम ने मध्य चरणों में शानदार वापसी की और स्कोर को बराबर कर दिया।

मैच का रोमांच तब चरम पर पहुंच गया जब अंतिम ‘चक्कर’ में दोनों टीमें 9-9 की बराबरी पर थीं। दबाव साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन भारतीय टीम ने यहाँ गजब का संयम (composure) और तालमेल (coordination) दिखाया। मैच खत्म होने से ठीक पहले, भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ी ने एक शानदार मूव बनाया और निर्णायक गोल दागकर स्कोर को 10-9 कर दिया। अंतिम सीटी बजते ही पूरा मैदान भारतीय खिलाड़ियों की जय-जयकार से गूंज उठा।

पोलो ग्राउंड में मौजूद खेल प्रेमियों, सेना के अधिकारियों और विदेशी मेहमानों ने खड़े होकर भारतीय टीम के प्रदर्शन को सलाम किया। इस जीत को भारतीय पोलो के पुनर्जागरण (resurgence) के रूप में देखा जा रहा है।

जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान ने कहा, “यह जीत सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि पूरे भारतीय पोलो समुदाय की है। अर्जेंटीना एक विश्व स्तरीय टीम है और उन्हें हराना हमारे लिए एक सपना सच होने जैसा है। आखिरी क्षणों में हमने बस अपनी रणनीति पर टिके रहने का फैसला किया और उसका फल मिला। यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है और हमें भविष्य के लिए प्रेरित करेगी।”

इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत, जिसके पास पोलो की समृद्ध विरासत है, इस खेल में शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखता है। यह इंटरनेशनल कप जीत न सिर्फ खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाएगी, बल्कि देश में इस खेल के प्रति युवाओं की रुचि को भी बढ़ावा देगी।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️