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निशानेबाजी: काहिरा में शिवा नरवाल का ‘गोल्डन’ शॉट, भारत पदक तालिका में सबसे ऊपर

काहिरा (मिस्र)। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) जूनियर वर्ल्ड कप 2026 के पहले दिन भारत ने अपनी विश्व स्तरीय निशानेबाजी का लोहा एक बार फिर मनवा दिया है। मिस्र की राजधानी काहिरा में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट के शुरुआती दिन एशियाई खेलों के पदक विजेता शिवा नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का खाता स्वर्णिम अक्षरों में खोला। शिवा की इस उपलब्धि के साथ ही भारत तीन पदक (एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य) जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर काबिज हो गया है।

शिवा नरवाल: एकाग्रता और सटीकता का परिचय

पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में शिवा नरवाल की एकाग्रता देखने लायक थी। उन्होंने कुल 241.8 का स्कोर बनाया, जो उनकी तकनीकी श्रेष्ठता और दबाव में शांत रहने की क्षमता को दर्शाता है।

  • कड़ा मुकाबला: शिवा को उज्बेकिस्तान के सोडिकजोन अब्दुल्लाएव से कड़ी टक्कर मिली। अब्दुल्लाएव 240.0 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि शिवा ने अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी और 1.8 अंकों के अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

  • क्वालीफिकेशन में दबदबा: फाइनल से पहले क्वालीफिकेशन राउंड में भी शिवा का प्रदर्शन शानदार रहा था, जहाँ उन्होंने 576-19x का स्कोर बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया था।

चिराग और पनाह ने बढ़ाया मान

शिवा के अलावा अन्य भारतीय निशानेबाजों ने भी पहले दिन अपना दम दिखाया।

  1. चिराग शर्मा: इसी स्पर्धा (10 मीटर एयर पिस्टल) में भारत के चिराग शर्मा ने 218.9 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। पोडियम पर दो भारतीयों का होना भारत की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को दर्शाता है।

  2. पनाह भुगरा: महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में पनाह भुगरा ने भारत को पहला पदक दिलाया। उन्होंने 250.6 का स्कोर बनाकर रजत पदक पर कब्जा किया। वे स्वर्ण पदक से बेहद करीब थीं, जिसे फ्रांस की एंसेलाइन ब्रैकमैन ने जीता।

पदक तालिका में भारत का वर्चस्व

पहले दिन के खेल के अंत में भारत 1 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य के साथ पहले स्थान पर है। 25 देशों के 284 एथलीटों के बीच भारतीय दल (71 निशानेबाज) सबसे बड़ा है और उनकी शुरुआत ने यह साफ कर दिया है कि भारत यहाँ पिछले साल के अपने शानदार रिकॉर्ड (37 पदक) को दोहराने या उससे बेहतर करने के इरादे से आया है।

विशेषज्ञों का विश्लेषण: भविष्य के सितारे

शूटिंग विशेषज्ञों का मानना है कि शिवा नरवाल का यह स्वर्ण पदक न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय निशानेबाजी के भविष्य को भी सुरक्षित करता है। एक लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर वापसी करते हुए शिवा ने जिस तरह का धैर्य दिखाया, वह काबिले तारीफ है।

निष्कर्ष: शिवा नरवाल की यह जीत भारतीय खेल जगत के लिए एक नई ऊर्जा लेकर आई है। काहिरा में गूंजता भारत का राष्ट्रगान हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण था। जैसे-जैसे प्रतियोगिता आगे बढ़ेगी, उम्मीद है कि भारतीय निशानेबाज अपनी इस लय को बरकरार रखेंगे और देश के लिए और भी पदक जीतेंगे।


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