दोहा (कतर)। फुटबॉल के मैदान पर जब भी पेनल्टी शूटआउट की बात होती है, तो दबाव और किस्मत का खेल माना जाता है। लेकिन गुरुवार रात कतर के दोहा में खेले गए फीफा इंटरकॉन्टिनेंटल कप 2025 के फाइनल में किस्मत नहीं, बल्कि रूसी गोलकीपर मटवे सफोनोव की फौलादी दीवारों जैसे इरादों ने जीत की पटकथा लिखी। पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) ने ब्राजीलियाई क्लब फ्लेमेंगो को एक बेहद नाटकीय मुकाबले में हराकर विश्व फुटबॉल के इस प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम कर लिया।
मैच का रोमांच: 120 मिनट का कड़ा संघर्ष
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त प्रतिद्वंद्विता देखने को मिली। पीएसजी, जो अपने तकनीकी खेल के लिए जानी जाती है, को दक्षिण अमेरिकी चैंपियन फ्लेमेंगो की शारीरिक मजबूती और आक्रामक काउंटर-अटैक से कड़ी चुनौती मिली।
-
पहला हाफ: पीएसजी ने खेल के 24वें मिनट में बढ़त बनाई जब उनके मिडफील्डर ने एक शानदार पास पर गोल दागा। पहले हाफ की समाप्ति तक स्कोर 1-0 रहा।
-
दूसरा हाफ: फ्लेमेंगो ने हार नहीं मानी। 78वें मिनट में एक बेहतरीन कॉर्नर किक को हेडर के जरिए गोल में बदलकर फ्लेमेंगो ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
-
एक्स्ट्रा टाइम: निर्धारित 90 मिनट के बाद 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन गोलकीपरों के शानदार बचाव की वजह से मैच पेनल्टी शूटआउट की ओर बढ़ गया।
पेनल्टी शूटआउट: जब सफोनोव बने ‘सुपरमैन’
फुटबॉल इतिहास में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो जब किसी बड़े फाइनल के पेनल्टी शूटआउट में एक गोलकीपर ने 4 पेनल्टी बचाई हों। मटवे सफोनोव, जो पीएसजी के लिए इस साल चर्चा का विषय रहे हैं, ने फ्लेमेंगो के खिलाड़ियों के मन में खौफ पैदा कर दिया।
सफोनोव ने फ्लेमेंगो के शुरुआती दो शॉट्स को दाईं ओर डाइव लगाकर रोका, जिससे पीएसजी को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल गई। इसके बाद जब पीएसजी के कुछ खिलाड़ी पेनल्टी मिस कर बैठे और मैच फंसता हुआ दिखा, तो सफोनोव ने लगातार दो और शानदार बचाव किए। अंततः पीएसजी ने शूटआउट को 2-1 से जीतकर कप पर कब्जा कर लिया।
सफोनोव का उदय और पीएसजी की नई पहचान
इस जीत के बाद सफोनोव को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने मैच के बाद कहा, “यह केवल मेरी नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत है। पेनल्टी के समय मैं बस अपनी एकाग्रता बनाए रखना चाहता था।” यह पीएसजी के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है क्योंकि यह टीम अब सुपरस्टार युग (मेसी-नेमार-एमबाप्पे) के बाद एक नई पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। कोच लुइस एनरिक की रणनीति और युवाओं पर भरोसे का फल इस वैश्विक खिताब के रूप में मिला है।
कतर के फुटबॉल प्रशंसकों का उत्साह
दोहा के खलीफा इंटरनेशनल स्टेडियम में हजारों की संख्या में फुटबॉल प्रशंसक मौजूद थे। पीएसजी की जीत के बाद पूरा स्टेडियम आतिशबाजी से गूंज उठा। कतर ने एक बार फिर साबित किया कि वह बड़े फुटबॉल आयोजनों का शानदार मेजबान है। फ्लेमेंगो के प्रशंसकों के लिए यह एक दुखद रात रही, लेकिन उन्होंने अपनी टीम के जज्बे की सराहना की।
निष्कर्ष:
फीफा इंटरकॉन्टिनेंटल कप 2025 का यह फाइनल लंबे समय तक मटवे सफोनोव के उन ऐतिहासिक चार ‘सेव’ के लिए याद रखा जाएगा। पीएसजी अब क्लब फुटबॉल की दुनिया में एक नए आत्मविश्वास के साथ उभरी है, और यह जीत उनके आने वाले सीजन के लिए एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी।