
मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़)।
भारतीय क्रिकेट को हमेशा से ही बेहतरीन स्पिनरों की नर्सरी माना जाता रहा है, और इस सूची में अब एक और नया और बेहद चमकता हुआ सितारा जुड़ गया है—मानव सुथार। अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में 23 वर्षीय बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर मानव सुथार ने अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर का ऐसा धमाकेदार आगाज किया है, जिसकी गूंज क्रिकेट जगत में लंबे समय तक सुनाई देगी। अपने डेब्यू मैच की पहली ही पारी में मानव ने अफगानी बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जादुई चक्रव्यूह में ऐसा फंसाया कि मेहमान टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। मानव ने बेहतरीन नियंत्रण और लाजवाब टर्न का प्रदर्शन करते हुए महज 33 रन देकर 6 विकेट चटकाए और भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत की मजबूत नींव रखी।
फिरकी का ऐसा जादू कि बेबस नजर आए अफगानी बल्लेबाज
मैच के दूसरे दिन जब भारतीय कप्तान ने गेंद युवा मानव सुथार के हाथों में सौंपी, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह युवा खिलाड़ी इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है। मानव ने अपनी पहली ही ओवर से सटीक लाइन और लेंथ पकड़ी। उन्होंने पिच से मिल रहे उछाल और टर्न का शानदार फायदा उठाया। अफगानिस्तान के बल्लेबाज, जो आमतौर पर स्पिन खेलने में माहिर माने जाते हैं, वे भी मानव की आर्म बॉल और तेजी से अंदर आती गेंदों को पढ़ने में पूरी तरह नाकाम रहे।
मानव ने अपने स्पेल में न केवल रन गति पर पूरी तरह अंकुश लगाया, बल्कि नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर अफगानिस्तान के मध्यक्रम और निचले क्रम की कमर तोड़ दी। उन्होंने सेट हो चुके बल्लेबाजों को अपनी फ्लाइटेड गेंदों से चकमा देकर पवेलियन की राह दिखाई। महज 33 रन देकर 6 विकेट लेने का यह स्पेल किसी भी युवा स्पिनर के लिए एक सपने जैसा है।
रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया नाम, दिग्गजों को छोड़ा पीछे
इस जादुई और ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ ही मानव सुथार ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। वह भारत की ओर से डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी (Best Bowling Figures on Test Debut Innings) करने वाले खिलाड़ियों की सर्वकालिक सूची में सीधे दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
“जब मुझे टेस्ट कैप मिली, तो वह मेरे जीवन का सबसे भावुक पल था। मैदान पर उतरते समय थोड़ा दबाव जरूर था, लेकिन कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों ने मेरा हौसला बढ़ाया। मैंने सिर्फ अपनी ताकत पर भरोसा रखा और सही जगह पर गेंद डालने की कोशिश की। देश के लिए पहले ही मैच में 6 विकेट लेना एक अवास्तविक अहसास है।” – मानव सुथार
मानव से आगे अब केवल पूर्व महान स्पिनर नरेंद्र हिरवानी (1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 61 रन देकर 8 विकेट) हैं। इस शानदार प्रदर्शन से मानव ने दिलीप दोशी और अमित मिश्रा जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने अपने डेब्यू पर शानदार पांच-पांच विकेट चटकाए थे।
टीम इंडिया की एकतरफा जीत की राह की आसान
भारतीय टीम ने पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा किया था, लेकिन मैच को तीन दिन के भीतर खत्म करने के लिए गेंदबाजों का आक्रामक प्रदर्शन बेहद जरूरी था। मानव सुथार के इस 6 विकेट के स्पेल ने भारत को पहली पारी में बेहद विशाल और निर्णायक बढ़त दिला दी। उनके इस प्रदर्शन के दबाव के कारण अफगानिस्तान की टीम फॉलोऑन के दौरान दूसरी पारी में भी उबर नहीं सकी।
क्रिकेट समीक्षकों और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने मानव के इस प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। जानकारों का कहना है कि मानव की गेंदबाजी में सबसे खास बात उनका धैर्य और विविधताओं का सटीक इस्तेमाल था। इतनी कम उम्र में इस तरह की परिपक्वता दिखाना यह साबित करता है कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। मानव सुथार के इस शानदार और यादगार आगाज ने भारतीय स्पिन आक्रमण के भविष्य को और भी अधिक सुरक्षित और मजबूत बना दिया है।