
कोलंबो के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 28 फरवरी 2026 को खेले जा रहे आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के सुपर 8 मुकाबले में आज एक ऐसा ऐतिहासिक पल आया, जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ने वह कारनामा कर दिखाया, जो पिछले 12 सालों से दुनिया का कोई भी दिग्गज बल्लेबाज नहीं कर पाया था।
श्रीलंका के खिलाफ इस ‘करो या मरो’ वाले मुकाबले में फरहान ने भारतीय दिग्गज विराट कोहली के एक विश्व कप संस्करण में सर्वाधिक रनों के रिकॉर्ड को तोड़कर नया इतिहास रच दिया है।
साहिबजादा फरहान का ऐतिहासिक कीर्तिमान
विराट कोहली ने साल 2014 के टी20 विश्व कप में 6 पारियों में 319 रन बनाकर एक रिकॉर्ड स्थापित किया था। पिछले एक दशक से अधिक समय से यह रिकॉर्ड अटूट था, लेकिन 2026 के इस वर्ल्ड कप में फरहान ने अपनी जबरदस्त फॉर्म से इसे बौना साबित कर दिया।
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रिकॉर्ड का क्षण: फरहान को इस मैच से पहले कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 37 रनों की दरकार थी। उन्होंने पारी के छठे ओवर की पहली गेंद पर चौका जड़कर यह उपलब्धि हासिल की।
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शानदार फॉर्म: इस टूर्नामेंट में फरहान का बल्ला आग उगल रहा है। उन्होंने नामीबिया के खिलाफ एक शानदार शतक जड़ा था और अमेरिका व इंग्लैंड के खिलाफ भी अर्धशतकीय पारियां खेली थीं। अब उनके नाम एक ही विश्व कप संस्करण में 320 से अधिक रन दर्ज हो गए हैं।
पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’ की जंग
यह मुकाबला पाकिस्तान की टीम के लिए केवल एक मैच नहीं, बल्कि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने की आखिरी उम्मीद है। सुपर 8 चरण में पाकिस्तान का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है:
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न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था।
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इंग्लैंड के खिलाफ करीबी मुकाबले में टीम को हार का सामना करना पड़ा।
सेमीफाइनल का समीकरण: श्रीलंका के खिलाफ इस मैच में पाकिस्तान को न केवल जीतना है, बल्कि अपनी नेट रन-रेट (NRR) को न्यूजीलैंड से बेहतर करने के लिए बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी। यदि पाकिस्तान यह मैच जीतने में सफल रहता है, तो वह ग्रुप 2 से इंग्लैंड के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन सकती है।
मैच का रोमांच और बल्लेबाजी का तूफान
श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन साहिबजादा फरहान और फखर जमां की जोड़ी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। पावरप्ले के दौरान ही पाकिस्तान ने बिना किसी नुकसान के 60 से अधिक रन ठोक दिए। फरहान की आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंकाई स्पिनरों, विशेषकर महेश तीक्षणा और वानिंदु हसरंगा को संभलने का मौका ही नहीं दिया।
पल्लेकेले की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग साबित हो रही है, और जिस तरह से फरहान ने कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा है, उसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।
निष्कर्ष: भविष्य के स्टार का उदय
साहिबजादा फरहान की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि वे आधुनिक टी20 क्रिकेट के नए ‘रन मशीन’ बन चुके हैं। 2014 में कोहली ने जो मानक तय किए थे, उसे पार करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए गर्व की बात है। अब देखना यह है कि क्या फरहान की यह रिकॉर्ड-तोड़ पारी पाकिस्तान को विश्व कप के सेमीफाइनल में ले जा पाती है या नहीं।