
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण का आगाज भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रहा। सोमवार, 23 फरवरी, 2026 को अहमदाबाद के खचाखच भरे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया। इस हार ने न केवल भारत के नेट रन रेट (NRR) को बड़ा झटका दिया है, बल्कि सेमीफाइनल की दौड़ को भी पेचीदा बना दिया है।
मैच का लेखा-जोखा: प्रोटियाज की प्रचंड बल्लेबाजी
टॉस जीतकर भारतीय कप्तान ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो ओस की उम्मीद में लिया गया था। हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी सलामी बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित करने में देर नहीं लगाई।
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दक्षिण अफ्रीका की पारी: दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित 20 ओवरों में 187/5 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। क्विंटन डी कॉक और हेनरिक क्लासेन ने भारतीय स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। विशेष रूप से बीच के ओवरों में कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई के खिलाफ दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने बड़े शॉट खेलकर दबाव बनाया। क्लासेन ने मात्र 34 गेंदों में 62 रनों की तूफानी पारी खेली।
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भारतीय गेंदबाजी: भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट झटके, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। अंतिम 5 ओवरों में भारत ने 60 से अधिक रन लुटाए, जो अंत में निर्णायक साबित हुए।
भारतीय बल्लेबाजी का पतन: बड़े लक्ष्य का दबाव
188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्टजे और कगिसो रबाडा ने अपनी अतिरिक्त गति और उछाल से भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोर दिया।
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पावरप्ले का पावर कट: भारत ने पहले 6 ओवरों में ही अपने 3 मुख्य विकेट (रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल और विराट कोहली) खो दिए। स्कोरबोर्ड पर मात्र 32 रन थे और टीम पूरी तरह बैकफुट पर आ चुकी थी।
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मध्यक्रम की विफलता: मध्यक्रम में ऋषभ पंत और सूर्यकुमार यादव ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका की सटीक लाइन और लेंथ के आगे वे भी ज्यादा देर नहीं टिक सके।
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ताश के पत्तों की तरह ढही टीम: पूरी भारतीय टीम 17.4 ओवरों में मात्र 111 रनों पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका के लिए नॉर्टजे ने 4 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
सेमीफाइनल का समीकरण: अब ‘करो या मरो’ की स्थिति
इस करारी हार के बाद भारत के लिए सेमीफाइनल की राह अब कांटों भरी हो गई है। सुपर-8 के अपने ग्रुप में भारत फिलहाल सबसे निचले पायदान पर खिसक गया है।
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अगली चुनौतियां: भारत को अब अपने अगले दो मुकाबले ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे/अफगानिस्तान (ग्रुप की अन्य टीमें) के खिलाफ खेलने हैं।
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अनिवार्य जीत: सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए भारत को अब अपने दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। यदि टीम इंडिया एक भी मैच और हारती है, तो वह टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुँच जाएगी।
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नेट रन रेट की चिंता: 76 रनों की बड़ी हार का मतलब है कि भारत का रन रेट काफी नकारात्मक हो गया है। अब केवल जीतना ही काफी नहीं होगा, बल्कि कम से कम एक मैच बड़े अंतर से जीतना होगा ताकि अंकों की बराबरी होने पर रन रेट काम आ सके।
विशेषज्ञों की राय
पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि भारत ने रणनीति बनाने में चूक की। अहमदाबाद की पिच पर अतिरिक्त स्पिनर खिलाने का फैसला भारी पड़ा, जबकि दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों ने पिच से मिल रही मदद का भरपूर फायदा उठाया। कप्तान ने मैच के बाद स्वीकार किया कि 188 का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था, लेकिन शुरुआती विकेटों ने लय बिगाड़ दी।
अगला कदम: भारतीय टीम अब अगले मुकाबले के लिए सिडनी/पर्थ (शेड्यूल के अनुसार) रवाना होगी, जहाँ उसे अपनी बल्लेबाजी की खामियों को सुधारना होगा।