
भूमिका: वर्ल्ड चैंपियन का यूके दौरा रहा किसी बुरे सपने जैसा
हाल ही में आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड और आयरलैंड का दौरा किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के टी-20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास लेने के बाद, नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम इंडिया एक नई शुरुआत की उम्मीद के साथ यूनाइटेड किंगडम (UK) पहुंची थी। लेकिन युवा सितारों से सजी यह टीम विदेशी उछाल और स्विंग पिचों के सामने पूरी तरह असहाय नजर आई। आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से क्लीन स्वीप झेलने के बाद, भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 0-4 की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस शर्मनाक प्रदर्शन ने भारतीय क्रिकेट के घरेलू ढांचे और विशेषकर आईपीएल (IPL) की पिचों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीरीज का लेखा-जोखा: हर मोर्चे पर नाकाम रही भारतीय टीम
इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की इस सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया था। इसके बाद खेले गए बाकी चारों मुकाबलों में इंग्लैंड ने खेल के हर विभाग में भारत को पछाड़ दिया।
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दूसरा और तीसरा टी-20: दूसरे मैच में भारत ने 190 रनों का अच्छा स्कोर बनाया था, लेकिन इंग्लैंड ने जैकब बेथेल के शानदार अर्धशतक की बदौलत 4 विकेट से मुकाबला जीत लिया। तीसरे मैच में ट्रेंट ब्रिज की पिच पर भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और जोफ्रा आर्चर की घातक गेंदबाजी के सामने पूरी टीम महज 76 रनों पर सिमट गई, जिसके चलते भारत को 125 रनों की ऐतिहासिक हार झेलनी पड़ी।
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चौथा और पांचवां टी-20: चौथे मैच में भी कहानी नहीं बदली और इंग्लैंड ने हैरी ब्रूक की धुआंधार पारी के दम पर 9 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की। आखिरी और पांचवें मुकाबले में साउथेम्प्टन (Utilita Bowl) के मैदान पर इंग्लिश कप्तान जोस बटलर ने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 64 गेंदों में 131 रनों की तूफानी शतकीय पारी खेली, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने 257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में ईशान किशन (56 रन) और तिलक वर्मा (53 रन) ने अर्धशतक लगाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारत 201 रन ही बना सका और 56 रनों से मैच हार गया।
संजय मांजरेकर का बड़ा बयान: “IPL बल्लेबाजों पर भारी मेकअप चढ़ा देता है”
भारतीय टीम की इस लगातार हार (आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर) के बाद पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने टीम के चयन और आईपीएल के माहौल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा:
“इस विदेशी टी-20 झटके के लिए खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना सबसे आसान काम होगा। लेकिन सही बात तो यह होगी कि उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाए जिन्होंने आईपीएल को ऐसा बना दिया है जो भारतीय बल्लेबाजों पर ‘भारी मेकअप’ (Heavy Make-up) चढ़ा देता है।”
मांजरेकर का मानना है कि आईपीएल की अत्यधिक सपाट पिचें, छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों के अनुकूल नियम (जैसे इम्पैक्ट प्लेयर रूल) खिलाड़ियों की असली कमियों को छुपा देते हैं। घरेलू मैदानों पर रन बनाना बेहद आसान हो गया है, जिसके कारण जब यही बल्लेबाज इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया जैसी पिचों पर जाते हैं, जहां गेंद हवा में स्विंग होती है और असमान उछाल मिलता है, तो उनका यह ‘मेकअप’ उतर जाता है और वे संघर्ष करते नजर आते हैं।
चयनकर्ताओं को कड़ी चेतावनी: “घर का मौज-मस्ती वाला दौर खत्म”
मांजरेकर ने अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अब चयनकर्ताओं के लिए असली चुनौती यह है कि वे भारतीय बल्लेबाजों की कल्पना बिना ‘आईपीएल मेकअप’ के करें। उन्होंने कहा कि सेलेक्टर्स को केवल उन्हीं खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका देना चाहिए जो बिना किसी अनुकूल परिस्थितियों के भी दुनिया की किसी भी पिच पर रन बनाने की तकनीक और क्षमता रखते हों। मांजरेकर ने साफ किया कि भारत को आने वाले समय में बहुत सारा क्रिकेट विदेशी सरजमीं पर खेलना है, इसलिए “घर का मौज-मस्ती वाला रन (Home fun run) अब खत्म हो चुका है”।
निष्कर्ष
तीन साल में भारत की यह पहली टी-20 सीरीज हार है, जिसने टीम प्रबंधन को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यदि भारतीय टीम को आगामी विदेशी दौरों (जैसे जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड सीरीज) और भविष्य के आईसीसी टूर्नामेंट्स में अपना दबदबा कायम रखना है, तो उसे आईपीएल के आंकड़ों के भ्रम से बाहर निकलकर तकनीकी रूप से मजबूत खिलाड़ियों को तराशना होगा।