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कैंडी की बारिश और ऑस्ट्रेलिया का ‘सनसेट’: जिम्बाब्वे का सुपर-8 में ऐतिहासिक प्रवेश

क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है, और आज कैंडी के पल्लेकेले स्टेडियम में यह बात सच साबित हुई। बिना एक भी गेंद फेंके, जिम्बाब्वे की टीम ने वह मुकाम हासिल कर लिया जो बड़ी-बड़ी टीमें नहीं कर पाईं। बारिश के कारण मैच रद्द होने से दोनों टीमों को 1-1 अंक बांटना पड़ा, और यही एक अंक जिम्बाब्वे के लिए ‘गोल्डन टिकट’ साबित हुआ।

पॉइंट्स टेबल का गणित और ऑस्ट्रेलिया की विदाई

ग्रुप स्टेज के इस कठिन पूल में समीकरण बहुत दिलचस्प थे। जिम्बाब्वे ने अपने पिछले मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही 4 अंक बटोर लिए थे। आज मिले 1 अंक के साथ उनके कुल 5 अंक हो गए हैं।

दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया की टीम अपने पिछले मुकाबलों में खराब प्रदर्शन के कारण केवल 2 अंकों पर अटकी हुई थी। ऑस्ट्रेलिया का अभी एक मैच बाकी है, जिसे जीतने पर भी वे अधिकतम 4 अंकों तक ही पहुँच सकते थे। जिम्बाब्वे के 5 अंक होते ही तकनीकी रूप से ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर-8 के सारे दरवाजे आधिकारिक रूप से बंद हो गए। 2009 के टी20 विश्व कप के बाद यह पहली बार है जब कंगारू टीम नॉकआउट स्टेज से पहले ही बाहर हो गई है।

मैच का घटनाक्रम: जब इंद्रदेव बने जिम्बाब्वे के मददगार

कैंडी में सुबह से ही काले बादल छाए हुए थे। टॉस के समय मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसने आउटफील्ड को पूरी तरह गीला कर दिया। अंपायरों ने तीन बार मैदान का निरीक्षण किया, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम भारी बारिश का सामना नहीं कर सका। अंततः, स्थानीय समयानुसार शाम को मैच को रद्द करने का फैसला लिया गया।

जैसे ही आधिकारिक घोषणा हुई, जिम्बाब्वे के खेमे में जश्न का माहौल छा गया। उनके खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में नाचते और एक-दूसरे को गले लगाते नजर आए, क्योंकि वे जानते थे कि यह ‘बिना खेले मिली जीत’ उनके देश के क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े पलों में से एक है।

जिम्बाब्वे का उत्थान: क्या यह तुक्का है?

हालांकि आज का मैच बारिश के कारण रद्द हुआ, लेकिन जिम्बाब्वे का सुपर-8 में पहुंचना महज इत्तेफाक नहीं है।

  • उन्होंने टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में एक बड़ी टीम को हराकर उलटफेर किया था।

  • टीम की फील्डिंग और डेथ ओवरों की गेंदबाजी इस बार विश्व स्तरीय रही है।

  • कप्तान सिकंदर रज़ा और अनुभवी खिलाड़ियों के नेतृत्व में टीम ने विपरीत परिस्थितियों में अंक बटोरे।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में हड़कंप

ऑस्ट्रेलिया की इस शर्मनाक विदाई ने बोर्ड और चयनकर्ताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्लेन मैक्सवेल, मिचेल मार्श और पैट कमिंस जैसे दिग्गजों से सजी यह टीम दबाव के क्षणों में बिखर गई। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि टी20 प्रारूप में ऑस्ट्रेलिया का “पुराना दृष्टिकोण” (Old School Approach) अब काम नहीं कर रहा है और टीम को बड़े बदलावों की जरूरत है।


निष्कर्ष: कैंडी की बारिश ने जहां ऑस्ट्रेलिया के करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया, वहीं जिम्बाब्वे जैसे उभरते क्रिकेट राष्ट्र के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं। अब देखना यह होगा कि सुपर-8 में जिम्बाब्वे की यह “जाइंट किलर” छवि बरकरार रहती है या नहीं।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️