
नई दिल्ली। भारत की राजधानी दिल्ली के के.डी. जाधव इंडोर हॉल में आयोजित इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट से भारतीय खेल प्रेमियों के लिए आज एक निराशाजनक खबर सामने आई है। देश की सबसे सफल शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु महिला एकल के पहले ही दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। वियतनाम की उभरती हुई खिलाड़ी गुयेन थुय लिन्ह ने सिंधु को एक कड़े मुकाबले में हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया।
मैच का घटनाक्रम: संघर्षपूर्ण शुरुआत और फिर हार
यह मुकाबला उम्मीद से कहीं ज्यादा रोमांचक और थका देने वाला रहा। एक घंटे से अधिक समय तक चले इस मैच में सिंधु ने शानदार शुरुआत की थी, लेकिन वह अपनी लय को अंत तक बरकरार नहीं रख सकीं।
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पहला गेम (22-20): शुरुआत में पीवी सिंधु अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आईं। उन्होंने अपने लंबे कद का फायदा उठाते हुए कोर्ट पर दबदबा बनाया। हालांकि लिन्ह ने उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन अनुभव के दम पर सिंधु ने पहला गेम 22-20 से जीतकर बढ़त बना ली।
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दूसरा गेम (12-21): दूसरे गेम में वियतनामी खिलाड़ी ने जबरदस्त वापसी की। लिन्ह ने अपनी गति (Speed) और नेट प्ले से सिंधु को काफी परेशान किया। सिंधु इस गेम में काफी थकी हुई नजर आईं और कई अनचाही गलतियां (Unforced Errors) कर बैठीं, जिसका फायदा उठाकर लिन्ह ने यह गेम 21-12 के बड़े अंतर से जीत लिया।
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निर्णायक गेम (15-21): तीसरे और अंतिम गेम में स्कोर एक समय 11-11 की बराबरी पर था। लेकिन ब्रेक के बाद लिन्ह ने आक्रामक खेल दिखाया और सिंधु के पास उनके स्मैश का कोई जवाब नहीं था। अंततः 15-21 के स्कोर के साथ सिंधु का सफर इस टूर्नामेंट में थम गया।
हार के मुख्य कारण: थकान और अनचाही गलतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय से चोटों से जूझ रही सिंधु अपनी पूरी फिटनेस हासिल नहीं कर पाई हैं। मैच के दौरान उनकी मूवमेंट थोड़ी धीमी दिखी। साथ ही, निर्णायक मौकों पर नेट के पास की गई गलतियों ने वियतनामी खिलाड़ी को मैच पर पकड़ बनाने का मौका दे दिया। घरेलू दर्शकों के भारी समर्थन के बावजूद, सिंधु दबाव को संभालने में नाकाम रहीं।
भारतीय खेमे के लिए राहत की खबर: किदांबी श्रीकांत की जीत
जहां एक ओर सिंधु की हार ने प्रशंसकों को मायूस किया, वहीं पुरुष एकल में किदांबी श्रीकांत ने उम्मीदें जगाए रखी हैं। श्रीकांत ने अपने पहले राउंड के मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और अगले दौर (प्री-क्वार्टर फाइनल) में जगह बना ली है। उनकी लय को देखकर लग रहा है कि वह इस बार खिताब के प्रबल दावेदार हो सकते हैं।
भविष्य की चुनौतियां
इंडिया ओपन से जल्दी बाहर होना पीवी सिंधु के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह टूर्नामेंट बीडब्ल्यूएफ (BWF) रैंकिंग और आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण था। अब सिंधु की नजरें आगामी एशियाई दौरों पर होंगी, जहां उन्हें अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
मैच का संक्षिप्त विवरण:
खिलाड़ी: पीवी सिंधु (भारत) बनाम गुयेन थुय लिन्ह (वियतनाम)
स्कोर: 22-20, 12-21, 15-21
समय: 68 मिनट
परिणाम: पीवी सिंधु टूर्नामेंट से बाहर
निष्कर्ष: सिंधु की हार भारतीय बैडमिंटन के लिए एक चेतावनी है कि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का स्तर बहुत ऊंचा हो चुका है। हालांकि, भारतीय प्रशंसकों की निगाहें अब लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत जैसे खिलाड़ियों पर टिकी हैं, जो इस टूर्नामेंट में अभी भी पदक की रेस में बने हुए हैं।