
मैच की शुरुआत काफी रोमांचक रही। पहले सेट में एलेक्स डी मिनौर ने अपने घरेलू मैदान और दर्शकों के समर्थन का भरपूर फायदा उठाया। उन्होंने अपनी गति और चपलता से अल्काराज़ को बेसलाइन पर काफी परेशान किया। एक समय स्कोर 5-5 की बराबरी पर था और ऐसा लग रहा था कि यह सेट टाइ-ब्रेकर तक जाएगा। लेकिन यहीं पर अल्काराज़ ने अपना असली गियर बदला। उन्होंने अविश्वसनीय ‘फोरहैंड विनर्स’ के साथ डी मिनौर की सर्विस तोड़ी और पहला सेट 7-5 से अपने नाम किया।
पहले सेट की जीत ने अल्काराज़ के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया। दूसरे सेट में स्पेनिश खिलाड़ी ने डी मिनौर को कोर्ट के हर कोने में दौड़ने पर मजबूर कर दिया। अल्काराज़ के ‘ड्रॉप शॉट्स’ का डी मिनौर के पास कोई जवाब नहीं था। महज 35 मिनट में अल्काराज़ ने दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
तीसरे सेट में तो जैसे डी मिनौर का संघर्ष पूरी तरह खत्म हो गया। अल्काराज़ ने लगातार 5 गेम जीतकर अपनी जीत सुनिश्चित कर दी और अंत में 6-1 से यह सेट जीतकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया।
करियर ग्रैंड स्लैम की ओर बढ़ते कदम
कार्लोस अल्काराज़ के लिए यह जीत ऐतिहासिक महत्व रखती है। यदि वे इस साल का ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतते हैं, तो वे टेनिस के इतिहास में सबसे कम उम्र में ‘करियर ग्रैंड स्लैम’ (सभी चारों मेजर टूर्नामेंट जीतना) पूरा करने वाले खिलाड़ियों की एलीट सूची में शामिल हो जाएंगे। विंबलडन, यूएस ओपन और फ्रेंच ओपन पहले ही उनके नाम हैं; अब बस मेलबर्न की ट्रॉफी का इंतजार है।
सेमीफाइनल की चुनौती: अलेक्जेंडर ज्वेरेव से मुकाबला
अल्काराज़ की राह अब और भी कठिन होने वाली है। सेमीफाइनल में उनका सामना जर्मनी के पावरफुल खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने आज ही एक अन्य क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के उभरते सितारे लर्नर टिएन को हराकर अपनी फॉर्म का परिचय दिया है।
अल्काराज़ और ज्वेरेव के बीच का मुकाबला ‘पावर बनाम प्रेसिजन’ (शक्ति बनाम सटीकता) का होने वाला है। जहाँ ज्वेरेव अपनी तेजतर्रार सर्विस के लिए जाने जाते हैं, वहीं अल्काराज़ अपनी अदभुत कोर्ट कवरेज और रचनात्मकता के लिए मशहूर हैं।
विशेषज्ञों की राय
पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का मानना है कि अल्काराज़ जिस लय में खेल रहे हैं, उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन है। उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती उन्हें राफेल नडाल और रोजर फेडरर जैसे दिग्गजों की श्रेणी में खड़ा करती है।
निष्कर्ष
आज की इस जीत ने न केवल मेलबर्न के दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि टेनिस जगत को यह संदेश भी दे दिया कि नई पीढ़ी का नेतृत्व अब पूरी तरह से अल्काराज़ के हाथों में है। अब पूरी दुनिया की नजरें परसों होने वाले उस ब्लॉकबस्टर सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जो इस साल के ऑस्ट्रेलियन ओपन का सबसे बड़ा मुकाबला साबित हो सकता है।