
नई दिल्ली: आधुनिक डेटिंग की दुनिया में ‘घोस्टिंग’ और ‘ब्रेडक्रंबिंग’ जैसे चलन के बाद अब युवा पीढ़ी (Gen Z) के बीच एक नया और हैरान करने वाला ट्रेंड तेज़ी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है, जिसे ‘डेट टिल यू हेट’ (Date Till You Hate) नाम दिया गया है। यह चलन भावनात्मक प्रतिबद्धता (Emotional Commitment) से बचने और रिश्तों को केवल तब तक खींचने की प्रवृत्ति को दर्शाता है जब तक पार्टनर के प्रति पूरी तरह से नफ़रत या अरुचि पैदा न हो जाए।
क्या है ‘डेट टिल यू हेट’ ट्रेंड?
इस ट्रेंड के तहत, युवा किसी रिश्ते को खत्म करने के लिए किसी बड़े संघर्ष, बेवफाई, या गंभीर असहमति का इंतज़ार नहीं करते। बल्कि, वे रिश्ते में तब तक बने रहते हैं जब तक उन्हें अपने पार्टनर की छोटी-छोटी आदतें, उसका व्यक्तित्व, या उसके साथ बिताया गया समय असहनीय न लगने लगे।
रिश्ते को खत्म करने का कारण अक्सर साधारण होता है—जैसे पार्टनर का बहुत तेज़ बोलना, उनके कपड़ों का चुनाव, या बस उनके साथ रहकर ऊब जाना। इस ट्रेंड की खासियत यह है कि ब्रेकअप के लिए ‘क्लोजर’ (Closure) या स्पष्टीकरण की कोई आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि ‘नफ़रत’ या ‘अरुचि’ ही ब्रेकअप का पर्याप्त कारण बन जाती है।
कमिटमेंट फोबिया और भावनात्मक दूरी:
रिलेशनशिप काउंसलर्स का मानना है कि यह चलन ‘कमिटमेंट फोबिया’ (Commitment Phobia) और भावनात्मक निवेश से बचने की प्रवृत्ति का सीधा परिणाम है। मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रिया शर्मा (काल्पनिक नाम) ने बताया, “आजकल के युवा रिश्ते में गहराई से जाने और भविष्य के लिए गंभीर योजनाएं बनाने से डरते हैं। वे जानते हैं कि एक गंभीर रिश्ते में समय और भावनात्मक ऊर्जा का निवेश करना पड़ता है, और ‘डेट टिल यू हेट’ उन्हें इस जिम्मेदारी से बचने का एक आसान रास्ता देता है।”
डॉ. शर्मा के अनुसार, यह प्रवृत्ति रिश्तों को ‘डिस्पोजेबल’ बना रही है, जहाँ लोग किसी वस्तु की तरह ही पार्टनर को पसंद न आने पर आसानी से ‘फेंक’ देते हैं।
ट्रेंड के नकारात्मक प्रभाव:
इस ट्रेंड से भावनात्मक रूप से जुड़ चुके पार्टनर पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्हें यह समझने में मुश्किल होती है कि रिश्ता क्यों खत्म हुआ, क्योंकि बाहर से सब कुछ सामान्य लग रहा होता है। यह प्रवृत्ति आत्मविश्वास को ठेस पहुँचाती है और भविष्य में स्वस्थ रिश्ते बनाने की क्षमता को कम कर सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्वस्थ संबंध बनाने के लिए युवाओं को शुरुआती चरण में ही अपनी अपेक्षाओं और सीमाओं के बारे में ईमानदार होना चाहिए, और थोड़ी सी असहजता पर रिश्ता खत्म करने के बजाय, कम्युनिकेशन और आपसी समझ से समस्याओं को हल करने पर ध्यान देना चाहिए।