
आज की तेज़ी से भागती दुनिया में, जहाँ करियर की महत्वाकांक्षाएँ और पेशेवर जिम्मेदारियाँ सर्वोपरि हैं, कामकाजी कपल्स के लिए अपने रिश्ते को प्राथमिकता देना एक बड़ी चुनौती बन गया है। काम के व्यस्त शेड्यूल के कारण, अधिकांश कपल्स एक साथ होते हुए भी एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से दूर हो रहे हैं, जिसका मुख्य कारण ‘गुणवत्तापूर्ण समय’ (Quality Time) की कमी और गैजेट्स का अत्यधिक उपयोग है।
रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स और मैरिज काउंसलर्स ने इस समस्या के समाधान के रूप में ‘नो-गैजेट टाइम’ (No-Gadget Time) को अपनाने की सलाह दी है।
समस्या: गैजेट्स ने ले ली ‘साथ’ की जगह
ऑफिस का काम खत्म होने के बाद भी, कई कामकाजी लोग अपने लैपटॉप, स्मार्टफोन और टैबलेट पर व्यस्त रहते हैं। सोशल मीडिया, ईमेल, या स्ट्रीमिंग कंटेंट में खोए रहने के कारण, वे अपने पार्टनर को भौतिक रूप से मौजूद होते हुए भी भावनात्मक रूप से अनुपलब्ध (Emotionally Unavailable) महसूस कराते हैं।
यह स्थिति रिश्ते में धीरे-धीरे अकेलापन और महत्वहीनता की भावना पैदा करती है। पार्टनर को लगता है कि फ़ोन या काम उनके रिश्ते से ज़्यादा ज़रूरी है, जिससे तनाव और मनमुटाव बढ़ने लगता है।
समाधान: हर दिन 30 मिनट का ‘गोल्डन आवर’
विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या को हल करने के लिए बड़े बदलावों की ज़रूरत नहीं है, बल्कि एक छोटे, लेकिन सचेत प्रयास की ज़रूरत है। उन्होंने सलाह दी है कि हर कामकाजी कपल को हर दिन कम से कम 30 मिनट का ‘नो-गैजेट टाइम’ अनिवार्य रूप से तय करना चाहिए।
- समय और स्थान तय करें: यह समय रात के खाने के बाद, सोने से ठीक पहले, या सुबह की चाय के दौरान तय किया जा सकता है।
- पूर्ण डिस्कनेक्शन: इस 30 मिनट के दौरान, मोबाइल फोन को दूसरे कमरे में छोड़ देना चाहिए, टीवी बंद कर देना चाहिए और काम से जुड़ी सभी चीज़ों से दूरी बना लेनी चाहिए।
- केवल बातचीत: इस समय का उपयोग केवल एक-दूसरे से बातचीत करने, दिनभर की अच्छी या बुरी घटनाओं को साझा करने, या भविष्य की योजनाएँ बनाने के लिए किया जाना चाहिए।
‘नो-गैजेट टाइम’ के फायदे
यह छोटा सा प्रयास रिश्ते पर एक गहरा और सकारात्मक प्रभाव डालता है:
- बॉन्डिंग को गहरा करना: बिना किसी रुकावट के की गई बातचीत भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Bonding) को मज़बूत करती है।
- समझ और सहानुभूति: जब आप पूरी तरह से सुनते हैं, तो आप पार्टनर की छोटी-छोटी चिंताओं, इच्छाओं और भावनाओं को बेहतर ढंग से समझते हैं, जिससे सहानुभूति (Empathy) बढ़ती है।
- तनाव में कमी: काम और गैजेट्स से थोड़ी देर के लिए दूर रहना मानसिक तनाव को कम करता है और आपको अपने रिश्ते को तरोताज़ा करने का मौका देता है।
‘नो-गैजेट टाइम’ केवल एक नियम नहीं है, बल्कि यह अपने पार्टनर को यह बताने का एक प्रमाणिक तरीका है कि वे आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। यह एक निवेश है जो आपके रिश्ते के स्वास्थ्य और दीर्घायु को सुनिश्चित करता है।