
नई दिल्ली। 21 नवंबर 2025।
कार्यस्थल पर रिश्तों (ऑफिस रोमांस) को लेकर किए गए एक नए अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण ने एक चौंकाने वाले सामाजिक बदलाव को उजागर किया है। एक वैश्विक एचआर और कार्य संस्कृति पर केंद्रित संस्था द्वारा किए गए इस अध्ययन के अनुसार, भारत में ऑफिस रोमांस के मामलों में अभूतपूर्व उछाल दर्ज किया गया है। ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम (UK) और संयुक्त राज्य अमेरिका (US) सहित कई देशों को कवर करने वाली इस स्टडी में, भारत ने इस मामले में दुनिया भर में दूसरा स्थान हासिल किया है।
📊 40% भारतीय पेशेवरों का कबूलनामा
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्षों के अनुसार, लगभग 40% भारतीय पेशेवरों ने सर्वेक्षण में स्वीकार किया है कि वे या तो वर्तमान में किसी सहकर्मी को डेट कर रहे हैं, या अतीत में उनके कार्यस्थल पर कोई रोमांटिक या करीबी संबंध रहा है। यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं और काम की जगहों को लेकर लोगों की धारणाएं तेजी से बदल रही हैं।
विशेषज्ञों और समाजशास्त्रियों का मानना है कि इस उछाल के पीछे कई आधुनिक कार्य संस्कृति कारक जिम्मेदार हैं:
-
लंबी और अनियमित शिफ्ट: महानगरों में पेशेवरों द्वारा बिताए जाने वाले लंबे कार्य घंटे (Long Working Hours) उन्हें अपने सहकर्मियों के साथ अधिक समय बिताने का मौका देते हैं, जिससे एक-दूसरे को समझने और भावनात्मक जुड़ाव बनाने का समय मिलता है।
-
पेशेवर कम्फर्ट और समानता: कार्यस्थल पर समान शैक्षिक पृष्ठभूमि, करियर लक्ष्य और चुनौतियों का सामना करने से कर्मचारियों के बीच एक प्राकृतिक समझ और कम्फर्ट ज़ोन विकसित होता है, जो उन्हें डेटिंग के लिए सुरक्षित और परिचित विकल्प लगता है।
-
सामाजिक दायरा सीमित: मेट्रो शहरों में अक्सर सामाजिक दायरा सीमित होता है, और ऑफिस ही एकमात्र ऐसी जगह बचती है जहाँ नए लोगों से नियमित रूप से मुलाकात होती है।
🙅♀️ महिलाओं में डर और कॉर्पोरेट नीतियाँ
हालांकि, इस ट्रेंड में एक लिंग-आधारित असमानता भी देखने को मिली है। रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं में ऑफिस रोमांस की प्रवृत्ति पुरुषों की तुलना में थोड़ी कम है। इसका मुख्य कारण यह है कि कई महिलाएं मानती हैं कि कार्यस्थल पर रोमांटिक रिश्ते उनकी पेशेवर इमेज (Professional Image) को खराब कर सकते हैं, या पुरुष सहकर्मी द्वारा अस्वीकृति मिलने पर भविष्य में काम के माहौल में असुविधा हो सकती है।
कॉर्पोरेट जगत ने भी इस बदलते ट्रेंड पर प्रतिक्रिया दी है। अब कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां ऑफिस रोमांस के लिए स्पष्ट नीतियाँ (Clear Office Romance Policies) लागू कर रही हैं। इन नीतियों में अक्सर यह शामिल होता है कि प्रबंधन और अधीनस्थ के बीच रिश्ते प्रतिबंधित हैं, और किसी भी रिश्ते की घोषणा एचआर विभाग को करनी अनिवार्य है ताकि हितों के टकराव (Conflict of Interest) या यौन उत्पीड़न के जोखिम को टाला जा सके।
मनोवैज्ञानिकों का सुझाव है कि कार्यस्थल पर रिश्तों को निभाते समय पेशेवर सीमाएं (Professional Boundaries) बनाए रखना और पारदर्शिता (Transparency) बरतना महत्वपूर्ण है ताकि काम और व्यक्तिगत जीवन दोनों में संतुलन बना रहे और किसी भी पक्ष के करियर को नुकसान न पहुंचे।