
नई दिल्ली: आधुनिक डेटिंग की दुनिया में भावनात्मक रूप से परेशान करने वाले ट्रेंड्स की सूची लंबी होती जा रही है। ‘घोस्टिंग’ (Ghosting – अचानक संपर्क तोड़ देना) ने जहाँ कई लोगों को मानसिक पीड़ा दी, वहीं अब एक नया और उससे भी अधिक हानिकारक चलन सामने आया है जिसे ‘जॉम्बीइंग’ (Zombieing) कहा जा रहा है। विशेषज्ञों ने इसे ब्रेकअप के बाद की सबसे टॉक्सिक (जहरीली) आदत करार दिया है, जो पीड़ितों के भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
क्या है ‘जॉम्बीइंग’?
‘जॉम्बीइंग’ तब होता है जब कोई व्यक्ति रिश्ते को अचानक खत्म करने के लिए घोस्टिंग करता है या बिना किसी स्पष्टीकरण के गायब हो जाता है, और फिर कुछ समय बाद, बिना किसी पश्चाताप या उद्देश्य के, सोशल मीडिया या मैसेज के माध्यम से फिर से आपके जीवन में लौट आता है। यह ठीक उसी तरह होता है जैसे कोई ज़ॉम्बी अपनी कब्र से बाहर निकलकर आ गया हो—अजीब, अनावश्यक और परेशान करने वाला।
एक साधारण ‘लाइक’, ‘स्टोरी रिएक्शन’ या ‘कैसा चल रहा है?’ मैसेज के साथ, जॉम्बीइंग करने वाला व्यक्ति पुराने रिश्ते की यादों को ताज़ा कर देता है, जिससे पीड़ित को लगता है कि शायद सब कुछ ठीक हो सकता है, जबकि असल में ऐसा नहीं होता।
जॉम्बीइंग क्यों है घोस्टिंग से भी बुरा?
रिलेशनशिप काउंसलर्स का कहना है कि जॉम्बीइंग, घोस्टिंग से भी ज़्यादा नुकसान पहुँचाता है क्योंकि:
- घावों को कुरेदना: घोस्टिंग से एक बार रिश्ते का ‘क्लोजर’ हो जाता है, भले ही वह दर्दनाक हो। लेकिन जॉम्बीइंग अतीत के घावों को फिर से कुरेदता है और पीड़ित को भावनात्मक रूप से आगे बढ़ने से रोकता है।
- झूठी उम्मीद: जॉम्बीइंग करने वाला व्यक्ति अक्सर झूठी उम्मीदें पैदा करता है, जिससे पीड़ित यह सोचने लगता है कि शायद पार्टनर को अपनी गलती का एहसास हो गया है और वह रिश्ते को सुधारना चाहता है। लेकिन असल में, जॉम्बीइंग करने वाले व्यक्ति का मकसद सिर्फ ध्यान खींचना या अपने अहंकार को संतुष्ट करना होता है।
- भावनात्मक अस्थिरता: अचानक वापसी और फिर से गायब हो जाने का डर पीड़ित के मन में अस्थिरता पैदा करता है, जिससे वह लगातार चिंता और अनिश्चितता की स्थिति में रहता है।
जॉम्बीइंग से कैसे बचें?
मनोवैज्ञानिक सलाह देते हैं कि जॉम्बीइंग का शिकार होने पर तुरंत सख्त कदम उठाना चाहिए:
- संपर्क को पूरी तरह काट दें (No Contact): एक्स-पार्टनर के किसी भी मैसेज या सोशल मीडिया एक्टिविटी पर प्रतिक्रिया न दें।
- सोशल मीडिया पर ब्लॉक करें: उन्हें आपकी ऑनलाइन गतिविधियों से पूरी तरह दूर रखें, ताकि ‘जॉम्बी’ को वापस आने का कोई रास्ता न मिले।
- खुद को प्राथमिकता दें: यह समझें कि यह व्यक्ति आपके भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आगे बढ़ने पर ध्यान केंद्रित करें और पीछे मुड़कर न देखें।
विशेषज्ञों का कहना है कि जॉम्बीइंग एक भावनात्मक रूप से परिपक्व (Mature) व्यक्ति का व्यवहार नहीं है। अपनी मानसिक शांति बनाए रखने के लिए इस तरह के टॉक्सिक ट्रेंड से दूरी बनाए रखना ही एकमात्र समाधान है।