🢀
रावतभाटा हैवी वाटर प्लांट में गैस रिसाव से हड़कंप: चार श्रमिक घायल, दो की हालत गंभीर 🏭

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित रावतभाटा हैवी वाटर प्लांट (Heavy Water Plant) में आज सुबह एक गंभीर दुर्घटना सामने आई, जब प्लांट के भीतर अचानक गैस रिसाव शुरू हो गया। इस हादसे के कारण चार श्रमिक इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। इस अप्रत्याशित घटना से प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया और तुरंत बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया गया।

 

हादसे का विवरण और पीड़ितों की स्थिति

 

गैस रिसाव की यह घटना सुबह के समय हुई, जिसके तुरंत बाद प्लांट के आपातकालीन सायरन बज उठे। रिसाव की चपेट में आने से चार श्रमिक बुरी तरह प्रभावित हुए। इनमें से तीन श्रमिकों की हालत अपेक्षाकृत स्थिर बताई गई, जबकि दो श्रमिकों की हालत गंभीर बनी हुई है।

  • तत्काल कार्रवाई: प्लांट प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी प्रभावित श्रमिकों को प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस की मदद से उन्हें स्थानीय चिकित्सा केंद्र ले जाया गया।
  • ग्रीन कॉरिडोर: दो गंभीर रूप से घायल श्रमिकों की नाजुक स्थिति को देखते हुए, उन्हें उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिना किसी देरी के कोटा स्थित अस्पताल में रेफर करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन के सहयोग से तुरंत ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, ताकि उन्हें जल्द से जल्द कोटा पहुंचाया जा सके और उनके जीवन को बचाया जा सके।

 

सुरक्षा और जांच पर जोर

 

इस प्लांट में भारी पानी (Heavy Water) का उत्पादन किया जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों में मॉडरेटर (मंदक) और शीतलक (Coolant) के रूप में किया जाता है। ऐसे संयंत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल अत्यंत कड़े होते हैं, इसलिए इस तरह की घटना का होना एक गंभीर सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है।

  • जांच के आदेश: प्लांट प्रबंधन और संबंधित सरकारी एजेंसियों ने दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं। जांच दल यह पता लगाने में जुटा है कि गैस रिसाव किस वजह से हुआ—यह कोई तकनीकी खराबी थी, मानवीय भूल, या सुरक्षा मानकों की अनदेखी।
  • अलर्ट और प्रोटोकॉल: घटना के बाद प्लांट के भीतर और आसपास उच्च अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्लांट के अंदर के सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल की फिर से समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिकों के स्वास्थ्य के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। प्रभावित श्रमिकों के परिवार इस घटना से सदमे में हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। संबंधित अधिकारी घटना की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके आधार पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️