
22 नवंबर (2025) को श्रीगंगानगर सहित राजस्थान के सीमावर्ती और उत्तरी जिलों के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यह बदलाव एक संकेत है कि क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी का मौसम आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है, जिसने लोगों की दिनचर्या और यातायात को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
📉 तापमान में गिरावट और शीत लहर की शुरुआत
मौसम विभाग के अनुसार, 22 नवंबर को श्रीगंगानगर में दिन के तापमान (Maximum Temperature) में अचानक और महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई। दिनभर चली ठंडी उत्तरी हवाओं के कारण, लोगों को सामान्य से अधिक तीखी ठंड महसूस हुई। रात का तापमान (Minimum Temperature) पहले ही कम था, लेकिन दिन का पारा गिरने से पूरे दिन शीत लहर (Cold Wave) जैसी स्थिति बनी रही।
तापमान में यह गिरावट मुख्य रूप से हिमालय की बर्फीली चोटियों से आने वाली ठंडी हवाओं और स्थानीय मौसम पैटर्न में बदलाव के कारण होती है। इस सार्दी के कारण, लोगों ने गर्म कपड़ों, हीटरों और अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में, खासकर किसान, अपने पशुओं और फसलों को इस अचानक आई ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त उपाय कर रहे हैं।
🌫️ घनी धुंध (फॉग) और यातायात पर असर
सर्दी के आगमन के साथ ही घनी धुंध (Dense Fog) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 22 नवंबर की सुबह श्रीगंगानगर और आस-पास के क्षेत्रों में दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई थी कि सड़कों पर वाहन चलाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
-
सड़क यातायात: धुंध के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई। दुर्घटनाओं से बचने के लिए पुलिस ने ड्राइवरों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। सुबह के समय काम पर जाने वाले और स्कूल जाने वाले बच्चों को विशेष रूप से मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
-
रेल और हवाई यातायात: हालाँकि श्रीगंगानगर में कोई प्रमुख हवाई अड्डा नहीं है, लेकिन सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। कई लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।
धुंध के निर्माण का मुख्य कारण कम तापमान के साथ उच्च आर्द्रता (High Humidity) का होना है। हवा में मौजूद जलवाष्प ठंडी हवा के संपर्क में आकर छोटी बूंदों में बदल जाती है, जिससे जमीन के पास धुंध की चादर बन जाती है।
🗓️ मौसम पूर्वानुमान: प्रकोप बढ़ने की आशंका
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में श्रीगंगानगर में सर्दी और धुंध का प्रकोप बढ़ने की प्रबल संभावना है।
-
तापमान में और गिरावट: न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है, जिससे पाला (Frost) पड़ने की स्थिति भी बन सकती है, जो रबी की फसलों के लिए चिंता का विषय है।
-
सतर्कता: प्रशासन ने लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
यह मौसम बदलाव न केवल स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से (खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए) चुनौती भरा है, बल्कि किसानों को भी अपनी फसलों की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता है।