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🛣️ एक्सप्रेसवे परियोजना को मिली गति: श्रीगंगानगर-कोटपुतली एक्सप्रेसवे से बदल जाएगा उत्तरी राजस्थान का परिदृश्य

राजस्थान में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बड़ा निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने इन महत्वकांक्षी सड़क परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस विस्तृत योजना में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क परियोजना श्रीगंगानगर-कोटपुतली एक्सप्रेसवे भी शामिल है, जिसके शुरू होने से उत्तरी राजस्थान के इस सीमावर्ती जिले की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी।

परियोजना का विवरण और रूट

 

श्रीगंगानगर-कोटपुतली एक्सप्रेसवे राजस्थान की उन नौ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में से एक है, जिन्हें राज्य सरकार प्राथमिकता दे रही है। यह एक्सप्रेसवे लगभग 290 किलोमीटर लंबा होगा और इसका उद्देश्य श्रीगंगानगर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के करीब स्थित कोटपुतली से सीधे जोड़ना है।

  • प्रारंभिक बिंदु: यह एक्सप्रेसवे श्री गंगानगर में रीको औद्योगिक क्षेत्र के बाईपास से शुरू होगा।

  • समापन बिंदु: यह कोटपुतली में नारनौल बाईपास पर कनेक्ट करेगा।

यह सीधा संपर्क, जो वर्तमान में लंबी और घुमावदार सड़कों पर निर्भर है, राजस्थान के दो महत्वपूर्ण हिस्सों के बीच यात्रा के समय और लागत को काफी कम कर देगा।

उत्तर से मध्य राजस्थान तक सीधी कनेक्टिविटी

 

यह एक्सप्रेसवे श्री गंगानगर, जो कृषि और व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है, को मध्य राजस्थान और आगे हरियाणा होते हुए उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों से जोड़ेगा। वर्तमान में, गंगानगर से कोटपुतली तक की यात्रा में कई घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद यह दूरी कम समय में तय की जा सकेगी।

इस रूट के चालू होने से निम्नलिखित लाभ होंगे:

  • कृषि उत्पादों का परिवहन: श्रीगंगानगर के किसानों के लिए अपने कृषि उत्पादों (जैसे अनाज, कपास और किन्नू) को जयपुर और दिल्ली जैसे बड़े उपभोक्ता बाजारों तक कम समय में पहुंचाना आसान हो जाएगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उत्पाद की बर्बादी कम होगी।

  • औद्योगिक विकास: रीको औद्योगिक क्षेत्र के बाईपास से शुरू होने के कारण यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल और तैयार माल के परिवहन के लिए एक तेज़ और कुशल गलियारा प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र में नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

  • यातायात में कमी: यह नया रूट मौजूदा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर बढ़ते यातायात के बोझ को भी कम करेगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब प्रशासन ने परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने पर ध्यान केंद्रित कर दिया है, ताकि इस महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जा सके और उत्तरी राजस्थान के विकास को नई रफ्तार दी जा सके।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️