
श्रीगंगानगर जिला प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) को सुनिश्चित करने के लिए कड़े और अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। जिले के सीमावर्ती इलाकों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, घुसपैठ या जासूसी को रोकने के उद्देश्य से, सीमा से 3 किलोमीटर की पट्टी के भीतर नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) लागू कर दिया गया है। इसके अलावा, इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में पाकिस्तानी सिम कार्ड के उपयोग पर तत्काल और पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक आवाजाही पर रोक
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए, जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सीमा से 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और ढाणियों में रात 10 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक आम नागरिक की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान, केवल आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services), सुरक्षा कर्मियों (Security Personnel) और सरकारी कार्यों में लगे कर्मचारियों को ही विशेष अनुमति के साथ आने-जाने की छूट होगी। यह कदम सीमा पार से होने वाली तस्करी और ड्रोन गतिविधियों को रात के अंधेरे में रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पाकिस्तानी सिम पर पूर्ण प्रतिबंध: उल्लंघन पर सीधी जेल
सबसे सख्त कदम संचार (Communication) के साधनों पर उठाया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क और सिम कार्ड के अवैध उपयोग की खबरें अक्सर आती रही हैं, जिनका इस्तेमाल जासूसी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में होने का संदेह रहता है। इसी खतरे को देखते हुए, प्रशासन ने अब इन क्षेत्रों में पाकिस्तानी सिम कार्ड के उपयोग को गैरकानूनी घोषित कर दिया है। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रतिबंधित क्षेत्र में पाकिस्तानी सिम का उपयोग करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की सजा का प्रावधान भी शामिल है।
किराएदारों का सत्यापन हुआ अनिवार्य
सुरक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रशासन ने किराएदारों के सत्यापन (Tenant Verification) को अनिवार्य कर दिया है। सीमावर्ती गांवों में रहने वाले सभी मकान मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने किराएदारों की पूरी जानकारी, पहचान पत्र और आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच पुलिस के पास जमा कराएं। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी के बिना इन संवेदनशील क्षेत्रों में न रह पाए। यह कदम बाहरी तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नज़र रखने में मदद करेगा।
इन कड़े फैसलों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर लागू किया जा रहा है, ताकि श्रीगंगानगर के बॉर्डर क्षेत्र की अखंडता और शांति को हर कीमत पर बनाए रखा जा सके।