
अपराध की दुनिया के कुख्यात नाम लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के आपराधिक साम्राज्य को मंगलवार (19 नवंबर, 2025) को एक बड़ा झटका लगा है। लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई और उसके गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य अनमोल बिश्नोई (Anmol Bishnoi), जिसे अमेरिका से डिपोर्ट (deport) किया गया, उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया।
अनमोल बिश्नोई पर भारत में फिरौती, टारगेट किलिंग (सुपारी किलिंग), अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और समझा जाता है कि वह कनाडा, अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों से बैठकर अपने भाई के लिए आपराधिक सिंडिकेट चला रहा था।
NIA की बड़ी सफलता: विदेश में छिपा नेटवर्क ध्वस्त
अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी को NIA की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। NIA पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर रही थी ताकि बिश्नोई गिरोह के उन सदस्यों को वापस भारत लाया जा सके जो देश छोड़कर भाग चुके हैं और विदेश से बैठकर भारत में अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।
NIA सूत्रों के अनुसार, अनमोल बिश्नोई पर कई राज्यों में दर्ज UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामलों में भी वांछित था, क्योंकि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तार आतंकी फंडिंग और विदेशी सहयोग से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। अनमोल विशेष रूप से गिरोह के वित्तीय प्रबंधन (financial management) और विदेशी हथियार आपूर्तिकर्ताओं (foreign arms suppliers) के साथ संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
जेल से बाहर चल रहा था आपराधिक नेटवर्क
जांच एजेंसियों का मानना है कि लॉरेंस बिश्नोई भले ही भारत की जेलों में बंद है, लेकिन उसका आपराधिक नेटवर्क उसके भाई अनमोल बिश्नोई और अन्य विदेशी सहयोगियों की मदद से लगातार सक्रिय था। अनमोल के डिपोर्ट होने और गिरफ्तार होने से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेशी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचेगा और गैंग की फंडिंग और हथियार तस्करी की कमर टूटेगी।
NIA ने दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद अनमोल बिश्नोई से गहन पूछताछ (intense interrogation) शुरू कर दी है। उम्मीद है कि पूछताछ में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-NCR में हुए कई हाई-प्रोफाइल अपराधों, हत्याओं की साजिश और गैंग के पास उपलब्ध हथियारों के स्रोत के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे होंगे। इसके साथ ही, जांच एजेंसियां अब उन भारतीय नागरिकों और विदेशी हैंडलर्स की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी जिन्होंने अनमोल को अमेरिका में छिपने और गिरोह चलाने में मदद की।
अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी दर्शाती है कि भारत सरकार अब संगठित अपराध सिंडिकेट्स को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग ले रही है और विदेश भाग चुके अपराधियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।