
श्री गंगानगर जिले में पूर्व राज्य मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी के दामाद गुरचरण रमाणा के घर पर हुई डकैती की सनसनीखेज वारदात का आखिरकार पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि बदमाशों ने पुलिस की नकली वर्दी पहनकर वारदात को अंजाम दिया, जिससे इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। पुलिस की विशेष टीमों ने अथक प्रयास करते हुए इस अंतरराज्यीय डकैत गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसका जाल पंजाब और दिल्ली तक फैला हुआ था।
वारदात का तरीका और घटनाक्रम
यह घटना कुछ सप्ताह पहले हुई थी जब गुरचरण रमाणा अपने घर पर मौजूद थे। सुबह के समय कुछ लोग पुलिसकर्मी बनकर उनके घर में दाखिल हुए। उन्होंने घर की तलाशी लेने का बहाना बनाया और जल्द ही हथियार दिखाकर घर के सदस्यों को बंधक बना लिया। बदमाशों ने घर से लाखों रुपये नकद और कीमती आभूषण लूट लिए और फरार हो गए। पुलिस वर्दी का इस्तेमाल करने का मकसद यह था कि कोई भी उनकी मंशा पर शक न कर सके और उन्हें आसानी से घर में प्रवेश मिल जाए। इस तरीके ने पुलिस और आम जनता दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की थी।
जांच और अंतरराज्यीय कनेक्शन
वारदात की गंभीरता को देखते हुए, श्री गंगानगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल से मिले सुरागों, कॉल डिटेल्स और आसपास के CCTV फुटेज का गहन विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि इस गिरोह के तार केवल राजस्थान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने सबसे पहले पंजाब और दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में छापेमारी की। यहीं से पुलिस को गिरोह के सदस्यों की पहली सफलता मिली। पता चला कि इस गिरोह के कई सदस्य पंजाब के विभिन्न जिलों और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के हैं। ये लोग राजस्थान के धनी परिवारों को निशाना बनाते थे, खासकर ऐसे लोग जिनके बारे में उन्हें पता होता था कि उनके घर में बड़ी मात्रा में नकदी या सोना रखा है।
मुख्य साजिशकर्ता और गिरफ्तारी
पुलिस ने अब तक इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में वे शामिल हैं जिन्होंने सीधे तौर पर डकैती को अंजाम दिया था। पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरी वारदात का एक मुख्य साजिशकर्ता है, जिसने पूरी प्लानिंग की थी और गुरचरण रमाणा के घर की अंदरूनी जानकारी गिरोह को दी थी। यह मुख्य साजिशकर्ता, जो कि संभवतः रमाणा परिवार का कोई करीबी या परिचित है, अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसके अलावा, गिरोह के कुछ अन्य सदस्य, जिन्होंने लूटे गए माल को ठिकाने लगाने में मदद की थी, वे भी फरार हैं।
पुलिस टीमें अब फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता और अन्य आरोपियों की तलाश में पंजाब और दिल्ली में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लूटे गए माल की बड़ी मात्रा में बरामदगी हो सकती है और इस गिरोह से जुड़े अन्य आपराधिक मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
इस खुलासे ने श्री गंगानगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता के विश्वास को बहाल किया है और अपराधियों के बीच यह संदेश दिया है कि कानून के शिकंजे से कोई बच नहीं सकता। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि नकली पुलिस वर्दी का इस्तेमाल करने वाले इस गिरोह के सभी सदस्यों को जल्द ही सलाखों के पीछे डाला जाएगा।