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🔪 चलती ट्रेन में सेना के जवान की नृशंस हत्या: सूरतगढ़ के पास जम्मू तवी एक्सप्रेस में वारदात

श्री गंगानगर जिले के सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन से आगे जम्मू तवी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में एक अत्यंत दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। ड्यूटी पर जा रहे भारतीय सेना के एक जवान की कथित तौर पर ट्रेन के कोच अटेंडेंट ने चाकू मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा और ट्रेन कर्मचारियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

घटनाक्रम और मृतक जवान की पहचान

 

मृतक जवान की पहचान जिगर कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के रहने वाले थे और अपनी बटालियन में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। यह दुखद वारदात उस समय हुई, जब ट्रेन सूरतगढ़ स्टेशन से आगे निकल चुकी थी और यात्री गहरी नींद में थे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्लीपर कोच में जवान जिगर कुमार और कोच अटेंडेंट के बीच किसी मामूली बात को लेकर तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि यह विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर कोच अटेंडेंट ने अपनी जेब से चाकू निकाला और जवान पर जानलेवा हमला कर दिया। जवान को चाकू के कई वार लगे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

यात्रियों ने जब कोच में चीख-पुकार सुनी और खून बिखरा देखा, तो तत्काल ट्रेन स्टाफ और रेलवे कंट्रोल को सूचित किया गया।

 

पुलिस कार्रवाई और कोच अटेंडेंट हिरासत में

 

घटना की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय पुलिस तत्काल हरकत में आई। ट्रेन को अगले स्टेशन पर रोककर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम ने कोच को सील कर दिया।

जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी कोच अटेंडेंट को तुरंत हिरासत में ले लिया। आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की जड़ क्या थी और क्या यह झगड़ा अचानक हुआ था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है और बताया है कि वह गुस्से पर काबू नहीं रख पाया।

जीआरपी के अधिकारियों ने बताया कि जवान के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है और मृतक जवान के गुजरात स्थित परिवार को सूचना दे दी गई है। सेना के स्थानीय अधिकारियों को भी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से अवगत करा दिया गया है।

 

सुरक्षा पर गंभीर सवाल

 

यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। एक ऐसा कर्मचारी, जिसका काम यात्रियों की सेवा और सहायता करना है, अगर वह ही हिंसक हो जाए, तो आम यात्रियों का विश्वास डगमगाना स्वाभाविक है।

जीआरपी ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की बात कही है, ताकि मृतक जवान को न्याय मिल सके। जांच टीम इस बात पर भी ध्यान दे रही है कि क्या आरोपी अटेंडेंट का कोई आपराधिक इतिहास रहा है या नहीं।

इस घटना ने देश की सेवा कर रहे एक जवान के जीवन को असमय छीन लिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️